पंतनगर सिडकुल में निर्माण कार्यों की आड़ में वर्ष 2012 से 2017 तक किए गए करोड़ों के घोटाले की एसआईटी जांच परत दर परत खुलने लगी है। सिटी पार्क के टॉयलेट, मुख्य द्वार, सीसी मार्ग और चहारदीवारी निर्माण की लागत में अनियमितता मिलने के बाद अब एसआईटी को सिटी पार्क में किए गए मिट्टी भरान और लगाए गए पेड़ों में भी घोटाले के कुछ साक्ष्य मिले हैं, जिन पर एसआईटी गहनता से जांच कर रही है।
पंतनगर सिडकुल में स्थापित सिटी पार्क में निर्माण कार्यों के नाम पर किए गए घोटाले की प्राथमिक जांच में एसआईटी को पार्क में बनाए गए पुरुष, महिला शौचालय, मुख्य द्वार और फव्वारों के साथ ही सीसी मार्ग और चहारदीवारी निर्माण में दिखाई गई लागत में अनियमितता के साक्ष्य मिले थे।
इसके आधार पर एसआईटी ने प्रथम जांच रिपोर्ट बनाकर शासन को भेजी थी। जांच के लिए एसआईटी को मिली 80 फाइलों में से शुरुआती दौर में 35 फाइलों का अध्ययन कर जांच की जा रही है। कुछ फाइलों में सिटी पार्क में किए गए मिट्टी भरान और पार्क में सुंदरता के लिए लगाए गए पेड़ों के बजट में भी अनियमितता के कुछ साक्ष्य मिले हैं।
एसआईटी सूत्रों के अनुसार अन्य निर्माण कार्यों की तरह मिट्टी भरान और पेड़ लगाने की लागत लाखों में दिखाई गई है जबकि एसआईटी द्वारा किए गए स्थलीय निरीक्षण में लागत हजारों में होने का अनुमान है। इसके साथ ही एसआईटी पार्क में लगाए गए एलईडी बल्बों और अंडरग्राउंड केबल लाइन की जांच भी कर रही है। अब तक की जांच में लागत का सही आकलन करने के लिए एसआईटी को तकनीकी कमेटी के भी जांच में शामिल होने का इंतजार है।