सरकारी धन को कैसे ठिकाने लगाया जाता है, इसका ताजा उदाहरण सेलाकुई औद्योगिक क्षेत्र में नालियों के निर्माण में सामने आया है।
डीएम के काम रोकने के आदेश के बावजूद सिडकुल ने आनन-फानन में नालियों में साढ़े छह करोड़ से अधिक की धनराशि खपा दी। शनिवार को उद्योग मित्र की बैठक में डीएम रविनाथ रमन ने धनराशि का गलत इस्तेमाल होने का अंदेशा जाहिर किया। उन्होंने कहा कि इस संबंध में वह शासन और एमडी सिडकुल को पत्र लिखेंगे।
उद्योग मित्र की बैठक के एजेंडे में मुख्य मुद्दा सेलाकुई औद्योगिक क्षेत्र की नालियों का निर्माण रहा। प्रांतीय इंडस्ट्रियल एसोसिएशन पहले से ऐतराज कर रहा था कि औद्योगिक क्षेत्र में नालियों का गलत निर्माण कराया जा रहा है।
नाली डेढ़ फुट चौड़ी और तीन फुट गहरी बनाई गई हैं। इनमें कूड़ा भर जाने के बाद कौन साफ करेगा। ये नालियां आखिर में तोड़नी पड़ेंगी और पैसा बर्बाद जाएगा।
बैठक में बताया गया कि एसोसिएशन की शिकायत पर पूर्व डीएम चंद्रेश कुमार यादव ने 14 जनवरी को काम रोकने का आदेश दिया था। बाद में उनका तबादला हो गया। सिडकुल ने नाली निर्माण का काम जारी रखा। एसोसिएशन के सचिव अनिल मारवाह ने बताया कि नए मानकों के अनुसार औद्योगिक क्षेत्र में अंग्रेजी के ‘एल’ आकार की नाली बननी थीं।
इसमें कचरा और पानी नहीं ठहरता। आम नाली की तुलना में इसमें एक चौथाई खर्च आता है। बैठक में डीएम ने नेशनल हाईवे को प्रेमनगर से सेलाकुई तक स्पीड ब्रेकर को दुरुस्त करने के भी निर्देश दिए। इस मौके पर एसोसिएशन के एमपी दीवान, राजीव अग्रवाल, हेमंत पुरी, राजीव बेरी आदि मौजूद रहे।
नए औद्योगिक क्षेत्र चिह्नित होंगे
उद्योग मित्र की बैठक में नए औद्योगिक क्षेत्र चिन्हित किए जाने पर चर्चा हुई। नए क्षेत्रों के लिए 893.7 हेक्टेयर भूमि प्रस्तावित है। इसमें सहसपुर और माजरी माफी सेक्टर और सेलाकुई औद्योगिक क्षेत्र के विस्तारीकरण के लिए 50 हेक्टेयर भूमि भी शामिल है।
सब-स्टेशन के लिए भूमि तलाशेंगे
उद्योग मित्र की बैठक में सेलाकुई में 220 केवी सब-स्टेशन की स्थापना के लिए भूमि उपलब्ध कराए जाने का मुद्दा उठा। इस पर डीएम ने जिला पंचायत और पिटकुल की टीम बना दी। एसडीएम विकासनगर से समन्वय बैठाने के लिए कहा गया।
कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था
औद्योगिक क्षेत्रों में नगर निगम की तर्ज पर फैक्ट्रियों से कूड़ा उठान की मांग की गई। उद्यमियों ने कहा कि वे इसके लिए पैसा देने के लिए तैयार हैं। इस पर डीएम ने सिडकुल को व्यवस्था करने का आदेश दिया। इस मौके पर जिला उद्योग केंद्र ने संपत्ति खरीद पर 20 फीसदी शुल्क बढ़ाने का प्रस्ताव रखा, जिसे उद्यमियों ने मान लिया।
विभागों को कारण बताओ नोटिस
उद्योग मित्र की बैठक में कई विभागों के अफसर नहीं आए थे। इस पर विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा नहीं हो पाई। इनमें मुख्य बिंदु कारपोरेट यूजर्स को बिजली के बिल के भुगतान की ऑन लाइन सुविधा न दिए जाने का था।
लेकिन लीड बैंक पीएनबी का कोई अधिकारी नहीं आया। इसके अलावा श्रम विभाग, स्वास्थ्य विभाग, यूपीसीएल, साडा आदि विभागों के अफसर भी नहीं थे। डीएम ने सभी को कारण बताओ नोटिस जारी करने के आदेश किया।
एजेंडे के अन्य बिंदु
- औद्योगिक क्षेत्र में एटीएम लगाया जाना
- फायर स्टेशन की स्थापना
- औद्योगिक क्षेत्र में हैंडपंप और स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था
- कानून-व्यवस्था चाक-चौबंद किए जाने की मांग