ये है मस्कुलर डिस्ट्राफी
बच्चे की मांसपेशियों के क्षीण होने को मस्कुलर डिस्ट्राफी कहते हैं। प्रोटीन की कमी के कारण ऐसा होता है। ऐसे बच्चों में प्रोटीन अवशोषित नहीं हो पाता है। ऐसे बच्चों को कैल्शियम और प्रोटीन अधिक मात्रा में देने की जरूरत होती है साथ ही थैरेपी की आवश्यकता होती है। थैरेपी के माध्यम से नसों में रक्त का प्रवाह ठीक होने की संभावना होती है।
बच्चे का नाम क्यों काटा गया, इस संबंध में विद्यालय के प्रधानाचार्य से बात करने पर मालूम हुआ है कि बच्चे को मस्कुलर डिस्ट्राफी से पीड़ित होने पर अभिभावकों ने स्वयं टीसी जारी करने का अनुरोध किया था। फिलहाल बच्चे का पुन: दाखिला करने के निर्देश स्कूल के प्रधानाचार्य को दिए हैं।
- हरेंद्र मिश्रा, खंड शिक्षा अधिकारी हल्द्वानी
नया शिक्षा सत्र शुरू होने के तीन दिन तक विद्यालय से अनुपस्थित रहने पर नियमानुसार छात्र का नाम काटा गया था। इस पर बच्चे के अभिभावकों ने सहमति जताई थी। अभिभावकों ने अंकित के मस्कुलर डिस्ट्राफी से पीड़ित होने पर उसे इससे संबंधित विद्यालय में पढ़ाने की बात कही थी। अगर वे बच्चे को इसी विद्यालय में पढ़ाना चाहते हैं तो उन्हें कोई एतराज नहीं है। शनिवार को दोबारा नाम लिख देंगे।
- अनूप कुमार असवाल, प्रभारी प्रधानाचार्य राउमावि धौलाखेड़ा