उन्होंने कहा कि सड़कों के विकास का प्रभाव देश की सकल घरेलू उत्पाद पर पड़ता है। हिमालय की तीन हजार किमी की रेंज में नेपाल और चीन सीमा तक सड़कों का निर्माण किया जाएगा, ताकि सामरिक दृष्टि से भारतीय सेना को सीमाओं तक पहुंचने की सुविधा उपलब्ध हो सके। इसके लिए सरकार ने कई परियोजनाएं शुरू कर दी है।
साथ ही बजट में भी बढ़ोतरी की गई है। इस अवसर पर सूबे के शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक, अपर मुख्य सचिव ओमप्रकाश, बीआरओ के चीफ इंजीनियर एएस राठौर, दीपक भट्ट, सीईआरओ ओपी श्रीवास्तव, चीफ इंजीनियर पीडब्ल्यूडी हरिओम शर्मा, चीफ इंजीनियर कुमाऊं रीजन डीएस नबियाल, अंडर सेक्रेट्री दिनेश पुनेठा मौजूद थे।
17 किमी प्रतिदिन बढ़ा राजमार्गों का निर्माण
केंद्रीय राज्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2014 तक राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण प्रतिदिन 11 किमी होता था, जो भाजपा सरकार आने के बाद 28 किमी प्रतिदिन हो गया है। सरकार का प्रयास है कि आने वाले समय में 45 किमी प्रतिदिन के हिसाब से राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण हो। उन्होंने बताया कि सरकार ने वर्ष 2024 तक एक लाख किमी सड़क निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया है।
सड़क परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा
शुक्रवार को केंद्रीय राज्य मंत्री मनसुख भाई मांडविया ने यहां रेलवे रोड स्थित सीमा सड़क संगठन कार्यालय परिसर में आयोजित बैठक में ऑल वेदर रोड समेत सीमावर्ती क्षेत्रों में प्रस्तावित और निर्माणाधीन सड़कों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने योजनाओं को निर्धारित समय में हर हाल में पूरा कराने पर जोर दिया। इसके लिए संबंधित अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए गए।