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बीमार होने पर छात्र स्कूल नहीं गया, तो प्रिंसिपल ने काट दी TC और स्कूल कर दिया बाहर

Fri, 11 May 2018 11:53 PM IST
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, हल्द्वानी
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student - फोटो : demo pic
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मस्कुलर डिस्ट्राफी से ग्रस्त छात्र को सत्र शुरू होने के बाद लगातार तीन दिन स्कूल न जाने पर निकाल दिया गया। बच्चे को स्कूल से निकालने के साथ ही टीसी (ट्रांसफर सर्टिफिकेट) भी जारी कर दिया। मामला उच्चाधिकारियों तक पहुंचने पर स्कूल प्रबंधन में हड़कंप मचा है।

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हरिपुर तुलाराम निवासी अंकित आर्य (14) की मृत्यु हो चुकी है। अंकित मस्कुलर डिस्ट्राफी से पीड़ित है। इस कारण उसके हाथ कमजोर हैं। अंकित ने राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय धौलाखेड़ा में कक्षा छह से दाखिला लिया और कक्षा आठ तक पढ़ाई की।

कक्षा आठ उत्तीर्ण करने के बाद कक्षा नौ में पहुंचा। विद्यालय की ओर से जारी किए गए टीसी में लिखा गया है कि सत्र शुरू होने पर तीन दिन लगातार अनुपस्थित रहने के कारण स्कूल से बाहर किया गया है, जबकि अंकित के जीजा रवि का आरोप है कि प्रधानाचार्य और अध्यापकों ने कहा कि इस बच्चे को अब हम आगे नहीं पढ़ा सकते हैं।

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ये है मस्कुलर डिस्ट्राफी

demo pic
ये है मस्कुलर डिस्ट्राफी
बच्चे की मांसपेशियों के क्षीण होने को मस्कुलर डिस्ट्राफी कहते हैं। प्रोटीन की कमी के कारण ऐसा होता है। ऐसे बच्चों में प्रोटीन अवशोषित नहीं हो पाता है। ऐसे बच्चों को कैल्शियम और प्रोटीन अधिक मात्रा में देने की जरूरत होती है साथ ही थैरेपी की आवश्यकता होती है। थैरेपी के माध्यम से नसों में रक्त का प्रवाह ठीक होने की संभावना होती है।

 बच्चे का नाम क्यों काटा गया, इस संबंध में विद्यालय के प्रधानाचार्य से बात करने पर मालूम हुआ है कि बच्चे को मस्कुलर डिस्ट्राफी से पीड़ित होने पर अभिभावकों ने स्वयं टीसी जारी करने का अनुरोध किया था। फिलहाल बच्चे का पुन: दाखिला करने के निर्देश स्कूल के प्रधानाचार्य को दिए हैं।  
- हरेंद्र मिश्रा, खंड शिक्षा अधिकारी हल्द्वानी

नया शिक्षा सत्र शुरू होने के तीन दिन तक विद्यालय से अनुपस्थित रहने पर नियमानुसार छात्र का नाम काटा गया था। इस पर बच्चे के अभिभावकों ने सहमति जताई थी। अभिभावकों ने अंकित के मस्कुलर डिस्ट्राफी से पीड़ित होने पर उसे इससे संबंधित विद्यालय में पढ़ाने की बात कही थी। अगर वे बच्चे को इसी विद्यालय में पढ़ाना चाहते हैं तो उन्हें कोई एतराज नहीं है। शनिवार को दोबारा नाम लिख देंगे।
- अनूप कुमार असवाल, प्रभारी प्रधानाचार्य राउमावि धौलाखेड़ा
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