हिमालयी उत्पाद की करनी होगी ब्रांडिंग
उत्तराखंड कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि श्री अन्न हमारे उत्तराखंड की परंपरा खेती में है। आज स्वयं सहायता समूह की तमाम महिलाएं भी इससे जुड़ी हैं। उन्होंने बताया कि राज्य में स्टेट मिलेट मिशन के तहत 73 करोड़ रुपये का बजट में प्रावधान किया गया है। उन्होंने खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन में गहत व काला भट्ट फसल के सत्यापित बीज के प्रयोग की अनुमति प्रदान करने का अनुरोध भी किया।वहीं, डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि पूरी दुनिया में मोटे अनाज को बढ़ावा सिर्फ हिंदुस्तान ने दिया है। उन्होंने कहा कि हिमालय के उत्पाद की भी ब्रांडिंग करनी होगी। यह उत्पाद लाखों बीमारियों को ठीक करने में कारगर है।
झंगोरा की खीर, मंडवे की रोटी आ रही पसंद
मेले में लगे स्टॉल में लोगों ने बताया कि मोटे अनाज में ज्वार, बाजरा, रागी, सावां, कंगनी, चीना, कोदो, कुटकी और कुट्टू से बनी हुई खाद्य सामग्री फायदेमंद होने के साथ खासी पसंद की जा रही है। वहीं, एलोवेरा खीर, पहाड़ी मोमोज, झंगोरा का पुलाव, कंगनी से बनी ठंडाई, झंगोरा की खीर, मंडवे की रोटी, कोदू के नूडल्स, खांड के लड्डू का लोगों को पसंद आ रहे हैं।
कार्यक्रम में ये रहे मौजूद
कार्यक्रम में हरियाणा के कृषि मंत्री जय प्रकाश दलाल, सांसद व पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक, कृषि सचिव डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम, निदेशक गौरी शंकर, सिद्धार्थ उमेश अग्रवाल, जोगेंद्र पुंडीर, चौधरी अजीत सिंह, सुरेंद्र राणा आदि मौजूद थे।