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जौलीग्रांट से नैनीसैनी के लिए छोटा जहाज भरेगा उड़ान

Mon, 19 Dec 2016 09:11 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
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जॉली ग्रांट एयरपोर्ट - फोटो : file photo
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रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम (आरसीएस) के तहत छोटी दूरी की हवाई सेवा का आगाज 21 दिसंबर को जौलीग्रांट एयरपोर्ट से होगा।
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21 को जौलीग्रांट एयरपोर्ट से पिथौरागढ़ (नैनीसैनी) के लिए नौ सीटों वाला छोटा विमान उड़ान भरेगा। इस सेवा का आगाज मुख्यमंत्री हरीश रावत करेंगे। इसके बाद अन्य केंद्रों के लिए यह सेवा शुरू की जाएगी। गौरतलब है कि केंद्र की आरसीएस की तर्ज पर प्रदेश में यह सेवा शुरू की जानी है।

इसके लिए हाल ही में उत्तराखंड सिविल एविएशन डेवलपमेंट अथॉरिटी (यूकाडा) की ओर से टेंडर आमंत्रित किए गए थे, जिसमें यह सेवा उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी इंडिया सेफ एविएशन को सौंपी गई है। हालांकि यूकाडा द्वारा टेंडर की शर्तों में फेरबदल किए जाने के विरोध में कुछ कंपनियों ने हाईकोर्ट में याचिका भी दायर कर रखी है।
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कोर्ट में याचिका विचाराधीन है, जिस पर सोमवार को सुनवाई होनी है। कोर्ट ने यूकाडा को टेंडर देने और सेवा शुरू करने पर रोक नहीं लगाई है। आरसीएस की कंपनी तय हो जाने के बाद प्रदेश में इस योजना का आगाज करने की योजना तैयार कर ली गई है। 

नागरिक उड्डयन सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम ने बताया कि बुधवार को जौलीग्रांट एयरपोर्ट से नैनीसैनी के लिए छोटा विमान उड़ान भरेगा। धीरे-धीरे यह सेवा अन्य केंद्रों के लिए उपलब्ध कराई जाएगी। इस सेवा का आगाज मुख्यमंत्री हरीश रावत करेंगे। 

कितना होगा किराया (छोटे विमान के लिए)
देहरादून से चिन्यासीसौड़    -       3000 
देहरादून से नैनीसैनी       -        4000
देहरादून से पंतनगर       -         4000
चिन्यालीसौड़ से नैनीसैनी     -      4000 
चिन्यालीसौड़ से पंतनगर      -       4000
पंतनगर से नैनीसैनी        -          3000
(नोट-किराया रुपये प्रति व्यक्ति) 
 
टेंडर की शर्तो में बदलाव का कंपनियां कर रही हैं विरोध 
आरसीएस के तहत जारी किए गए टेंडर की शर्तों में बदलाव करने का केदारनाथ के लिए हेली सेवा उपलब्ध कराने वाली कंपनियां विरोध कर रही हैं। कंपनियों का आरोप है कि जान बूझकर शर्तों में इस तरह का बदलाव कर दिया कि हेली सेवा उपलब्ध कराने वाली कंपनियां इस दौड़ से बाहर हो गई।
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कंपनियों ने इसके विरोध में हाईकोर्ट में याचिका भी दायर कर रखी है। हालांकि कोर्ट ने इस सेवा को शुरू करने पर रोक नहीं लगाई है। कंपनियों की योजना इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट जाने की भी है। कंपनियों द्वारा लगाए जा रहे आरोपों को नागरिक उड्डयन सचिव ने गलत बताया है।
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