प्रदर्शनकारी युवाओं के खिलाफ दुकानदारों ने भी दो मुकदमे दर्ज कराए हैं। आरोप है कि पथराव के दौरान उनकी दुकानों में नुकसान हुआ था। दो मुकदमे पहले से ही कोतवाली में दर्ज हैं। इनमें से एक में 13 आरोपी युवा जेल में हैं। वहीं, पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज से पत्थर फेंकने वाले कुछ लोगों की पहचान कर ली है।
घंघोड़ा के क्षैतिज ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि उनकी दुकान गांधी पार्क के पास है। नौ फरवरी को उन्होंने 10 बजे दुकान खोली थी। सामने ही दूसरी ओर युवक-युवतियां प्रदर्शन कर रहे रहे थे। दोपहर बाद अचानक उसी भीड़ में से अज्ञात उपद्रवियों ने पथराव शुरू कर दिया। कुछ पत्थर उनके स्टोर के बाहर शीशे में लगे।
दूसरी शिकायत राजपुर रोड के भास्कर आहूजा ने की है। उनकी दुकान एस्ले हॉल चौक पर है। कहा कि नौ फरवरी को बेरोजगार महासंघ के कुछ नौजवानों ने दोनों तरफ से रास्ता जाम कर दिया। इसलिए उन्होंने दुकान बंद कर दी। उनकी कार बाहर खड़ी थी, उसे भी हटा दिया। दुकान के बाहर कुछ साइन बोर्ड रखे थे, जो काफी कीमती थे। उपद्रवियों ने पथराव कर उन्हें क्षतिग्रस्त कर दिया। एसएसपी दलीप सिंह कुंवर ने बताया कि पत्थर फेंकने वाले कुछ लोग चिन्हित कर लिए गए हैं। जल्द उनकी गिरफ्तारी होगी।