इस हैरान कर देने वाली सूचना की पुष्टि के लिए उन्होंने इंटरनेट से बिल की कॉपी निकाली।
वहां भी 19 करोड़ से ज्यादा का बिल दिखा। इसके बाद उन्होंने बिजली विभाग के अधिकारियों से बात कर उन्हें पूरा मामला बताया।
इस सरकारी लापरवाही पर एसडीओ सौरभ चमोली का कहना है कि तकनीकी त्रुटि के चलते ये हुआ है। इसे सुधार लिया जाएगा।
राकेश ने बताया कि वह कई वर्षों से इसी दुकान का बिजली का बिल एक हजार से पंद्रह सौ रुपये चुकाते आ रहा हैं।
इसके बाद राकेश ने दुकान पर पहुंचकर मीटर चेक किया तो बिल में दर्ज रीडिंग भी सही थी।
कुछ देर बाद फिर से राकेश कुमार के मोबाइल पर 1690 रुपये का बिजली के बिल का मैसेज आया। जिसके बाद उन्होंने राहत की सांस ली।