चारधाम ऑलवेदर रोड निर्माण के दौरान ऐसा पेचीदा मामला सामने आया कि प्रशासनिक अधिकारी सिर पकड़ कर बैठ गए हैं।
ऑलवेदर रोड परियोजना के लिए चमोली जनपद में भूमि अधिग्रहित किए जाने की रफ्तार जोर नहीं पकड़ पा रही है। मुआवजा का और जमीन का पेंच फंस जाने से जिला प्रशासन भी इस मामले में निर्णय नहीं ले पा रहा है।
चमोली में जनपद में कई जगह पर बीआरओ ने सड़क तो बना रखी है, लेकिन उसके चौड़ीकरण के लिए जब जमीन अधिग्रहित किए जाने की प्रक्रिया शुरू गई तो पता चला कि पूर्व में जो सड़क बनी है उसकी जमीन भी काश्तकार के नाम है। जिला प्रशासन के बाद इस बात का रिकार्ड नहीं है कि सड़क बनाए जाने के वक्त जमीन का मुआवजा दिया गया था या नहीं।
सरकार जो फैसला करेगी उस पर अमल किया जाएगा
trivendra singh rawat
- फोटो : file photo
चमोली जनपद में भूमि अधिग्रहण की रफ्तार की वजह जानने के लिए राजस्व सचिव हरबंस सिंह चुघ ने बुधवार को चमोली और पौड़ी के अधिकारियों के साथ बैठक की थी। बैठक के दौरान यह मामला सामना आया कि जमीन अधिग्रहण में देर इस वजह से हो रही है कि पूर्व में जो सड़क बनी है उसका रिकार्ड पूरी तरह से उपलब्ध नहीं है।
इसी सड़क को आलवेदर रोड में शामिल करते हुए इसका चौड़ीकरण किया जाना है, लेकिन जमीन अधिग्रहण इस वजह रुकी है कि जिस जगह पुरानी सड़क है वह रिकार्ड में अभी तक काश्तकार के नाम पर है।
न तो जिला प्रशासन और न ही बीआरओ के पास इसकी जानकारी है कि पूर्व में बनी सड़क का मुआवजा दिया गया था या नहीं। बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि इस मामले को सरकार के पास भेज दिया जाए। सरकार जो फैसला करेगी उस पर अमल किया जाएगा।
मुख्य सचिव ने की मैराथन मीटिंग
चारधाम आलवेदर रोड की प्रगति के बारे में जानकारी हासिल करने के लिए मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने बृहस्पतिवार की शाम सचिवालय में मैराथन मीटिंग की। लोक निर्माण विभाग, वन विभाग, एनएचएआई, राजस्व विभाग के साथ-साथ अन्य कई विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर मुख्य सचिव ने आलवेदर रोड के पैच वार समीक्षा की। वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से उन्होंने जिलाधिकारियों से आलवेदर रोड के लिए अधिग्रहित की गई जमीन के बारे में जानकारी हासिल की।