श्रावण मास की शिवरात्रि को लेकर श्रद्धालुओं में असमंजस है। इसकी वजह इस बार दो दिनों तक आद्रा नक्षत्र का होना है।
दोपहर सवा बारह बजे तक जलाभिषेक शुभ
हालांकि ज्योतिषियों की मानें तो 25 जुलाई को ही शिवरात्रि पर्व मनाया जाना चाहिए। इस दिन दोपहर सवा बारह बजे तक जलाभिषेक शुभ माना जा रहा है।
श्रावण मास की चतुर्दशी को शिवरात्रि मनाई जाती है। इस तिथि की शुरुआत आज रात 11 बजकर 40 मिनट पर होगी, जोकि 25 जुलाई को 2 बजे रात तक रहेगी। आद्रा नक्षत्र और हर्षण योग का मिलन भी शुभ माना जा रहा है।
तीन साल बाद आद्रा नक्षत्र पड़ रहा है। इसकी शुरुआत आज सुबह 9:46 बजे होगी और यह 25 जुलाई को 12.15 बजे तक रहेगा। आचार्य भरत राम तिवारी ने बताया कि सिंह लग्न में बाबा का अभिषेक सबसे शुभ रहेगा।
यह 25 जुलाई को सुबह 7:18 से 9:38 बजे तक रहेगा। दोपहर में सवा बारह बजे तक आद्रा नक्षत्र होने से तब तक ही जलाभिषेक शुभ रहेगा।
डॉ. आचार्य सुशांत राज ने बताया कि उदयकालीन तिथि में ही पर्व मनाया जाता है, इसलिए 25 जुलाई की शिवरात्रि मनाई जानी चाहिए।
आज रात से गूंजेंगे जयकारे
गढ़ी-कैंट स्थित टपकेश्वर महादेव मंदिर में आज रात से बम-बम भोले के जयकारे गूंजने लगेंगे। मंदिर के कपाट रात 12 बजे खुल जाएंगे।
सेवादार मनमोहन जायसवाल ने बताया कि जलाभिषेक के लिए कांवड़ियों को लाइन में नहीं लगना होगा। उनके लिए भोजन की व्यवस्था की जाएगी। श्री पृथ्वीनाथ मंदिर में भी कांवड़िए सीधे जाकर जल चढ़ा सकते हैं।
नागेश्वर मंदिर के महंत विश्वनाथ योगी ने बताया कि मंदिर में शिव महापुराण का आयोजन किया जा रहा है, जो चलता रहेगा। गीता भवन, प्राचीन शिव मंदिर, पंचायती मंदिर में भी बाबा का रुद्राभिषेक किया जाएगा।
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