सांसद फूलन देवी की हत्या में शेर सिंह राणा को उम्रकैद की सजा सुनाए जाने से परिजन हताश हैं। उसके छोटे भाई विक्रम राणा ने कहा कि शेर सिंह बेकसूर है। उसने फूलन देवी की हत्या नहीं की है।
विक्रम ने कहा कि दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट के फैसले के खिलाफ वे हाईकोर्ट जाएंगे।
25 जुलाई 2001 को सांसद फूलन देवी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हत्याकांड में रुड़की बीटी गंज निवासी शेर सिंह राणा का नाम मुख्य आरोपी के रूप में सामने आया था।
मामले की सुनवाई दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में चली। कोर्ट ने शेर सिंह राणा को दोषी करार दिया था, जबकि दस आरोपियों को बरी कर दिया था। बृहस्पतिवार को पटियाला हाउस कोर्ट ने शेर सिंह राणा को उम्रकैद की सजा सुनाई।
फैसले से सदमें में शेर सिंह की मां
शेर सिंह का परिवार कोर्ट के इस फैसले से असंतुष्ट हैं। उनका कहना है कि शेर सिंह ने सांसद फूलन देवी की हत्या नहीं की है। उसके भाई विक्रम राणा का कहना है कि घटना के समय बताया गया था कि तीन नकाबपोश लोगों ने हत्याकांड को अंजाम दिया है।
जिस ऑटो से बदमाशों के भागने की बात कही गई थी, उस ऑटो चालक ने उसके भाई को पहचानने से इंकार किया था। केस के सभी आरोपी बरी हो चुके हैं, फिर उसके भाई को बरी क्यों नहीं किया गया।
वह कोर्ट के इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील करेंगे। उन्हें उम्मीद है कि हाईकोर्ट से उन्हें जरूर न्याय मिलेगा।
उधर, शेर सिंह राणा की मां सत्यवती राणा बेटे को उम्रकैद सजा मिलने से सदमे हैं। जब उनसे बात की गई तो उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि उनका बेटा बेकसूर है।
गैंगस्टर के खिलाफ भी जाएंगे हाईकोर्ट
शेर सिंह राणा के भाई विक्रम ने बताया है कि वह रुड़की पुलिस के खिलाफ भी हाईकोर्ट में जाएंगे। उन्होंने बताया कि शेर सिंह राणा पर पुलिस ने गैंगस्टर लगाई थी।
लेकिन गैंगस्टर में जिन मामलों को आधार बनाया गया था, उसमें उसका भाई बरी हो चुका है। इसलिए गैंगस्टर उसके भाई पर नहीं बनती है। गैंगस्टर हटवाने के लिए वह हाईकोर्ट नैनीताल जाने की तैयारी कर रहे हैं।
राणा की सजा से निराश हुए साथी
फूलन देवी हत्याकांड में बरी हो चुके राजवीर सिंह निवासी बिजोपुरा शेर सिंह राणा को सजा सुनाए जाने पर निराश है। उसका कहना है कि राणा के परिवार से उसे पूरी हमदर्दी है। उसे उम्मीद थी कि शेर सिंह राणा भी इस मामले में बरी हो जाएगा, लेकिन कोर्ट ने उसे सजा सुना दी।