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उत्तराखंड में पहली बार दिखी दुर्लभ अरगली भेड़, जानिए इसकी खास बातें

Mon, 28 Aug 2017 07:40 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, उत्तरकाशी
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अरगली भेड़
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गंगोत्री नेशनल पार्क की नेलांग घाटी में दुर्लभ अरगली भेड़ को देखा गया है। तिब्बत और कजाकिस्तान के ऊंचे पठारों में पाई जाने वाली भेड़ की इस प्रजाति को पहली बार उत्तराखंड में देखा गया है। नेलांग के सुंगला क्षेत्र में वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (डब्लूआईआई) की ओर से लगाए गए कैमरों में अरगली की तस्वीरें कैद हुईं हैं।
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करीब 11 हजार फीट की ऊंचाई पर लगाए गए इन कैमरों में अरगली की तस्वीरें ट्रैप होने से डब्लूआईआई और वन विभाग बेहद उत्साहित हैं। अधिकारियों का मानना है कि इन कैमरों की मदद से नेशनल पार्क में और भी दुर्लभ जीवों को ढूंढा जा सकता है।

डब्लूआईआई के डा. एस. सत्य कुमार बताते हैं कि अरगली (वैज्ञानिक नाम : ओविस एम्मोन) जंगली भेड़ की प्रजाति है, जो आमतौर पर तिब्बत और कजाकिस्तान के ऊंचे पठारों में पाई जाती है। भारत में लद्दाख में इसे देखा गया है।
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अरगली की खास बातें जानिए...

अरगली भेड़
आईयूसीएन की सूची में इस प्रजाति को संकट में बताया गया है। इसका मुख्य कारण वास स्थल, खाने की कमी और अधिक शिकार हो सकता है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के हिमालयी क्षेत्र में इसके दिखने के कारणों पर अभी और शोध किए जाने की जरूरत है।

गंगोत्री नेशनल पार्क के उप निदेशक श्रवण कुमार कहते हैं कि वन विभाग और डब्लूआईआई की ओर से पार्क क्षेत्र में करीब 35 कैमरे लगाए गए हैं। इस जीव के पार्क में दिखने से स्पष्ट है कि यहां का ईको सिस्टम काफी अच्छा है। यही वजह है कि यहां कई दुर्लभ जीव मिल रहे हैं। विभाग इनकी सुरक्षा के लिए हर संभव कदम उठा रहा है। 

यह जंगली प्रजाति के भेड़ों में सबसे बड़ा होता है। इसकी अधिकतम ऊंचाई 1.40 मी., लंबाई 2 मी. और वजन 180 किलो होता है। चीन में मीट और सींग के लिए इसका शिकार होता है। आईयूसीएन की सूची में इसे संकटग्रस्त श्रेणी में रखा गया है।
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