कार्य स्थल पर यौन उत्पीड़न की शिकायतों के प्रभावी निदान के लिए शी बॉक्स (सेक्सुअल हैरसमेंट इलेक्ट्रानिक बॉक्स) को प्रभावी बनाया जाएगा। इसका इस्तेमाल करने के लिए महिलाओं को प्रेरित किया जाएगा। महिला सशक्तीकरण विभाग बालिका दिवस 24 जनवरी से इस संबंध में व्यापक अभियान शुरू करने जा रहा है। यह अभियान कॉलेजों और स्कूलों में चलाया जाएगा।
केंद्रीय महिला एवं बाल कल्याण मंत्रालय ने पिछले वर्ष ही पूरे देश में शी बॉक्स की व्यवस्था को लागू किया है। इसका मकसद कार्य स्थल पर यौन उत्पीड़न की शिकायतों पर प्रभावी कार्रवाई से जुड़ा है। उत्तराखंड में शी-बॉक्स की सुविधा को सितंबर 2018 से शुरू किया जा चुका है। अब इसे ज्यादा से ज्यादा लोगों के बीच प्रचारित प्रसारित करने के लिए अभियान शुरू किया जा रहा है। शी-बॉक्स में पहली शिकायत ऊधमसिंह नगर जिले से दर्ज हुई है। शी-बॉक्स योजना की राज्य नोडल अधिकारी आरती बलोदी के अनुसार, शी-बॉक्स योजना को विधिवत महिलाओं के बीच पहुंचाया जा रहा है। बालिका दिवस से इस संबंध में व्यापक अभियान शुरू किया जाएगा। इसकी शुरुआत देहरादून जिले से होगी। महिलाओं को जागरूक किया जाएगा कि कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न की शिकायत वह सीधे शी बॉक्स में करें।
कैसे करेगा शी-बॉक्स काम
शी-बॉक्स (सेक्सुअल हैरसमेंट इलेक्ट्रानिक बॉक्स) महिला सशक्तीकरण और बाल विकास मंत्रालय की बेवसाइट है। कार्य स्थल पर यौन उत्पीड़न की शिकायतों के लिए इसे बनाया गया है। इस बॉक्स में जैसे ही कोई शिकायत आएगी, उसे विभाग की अंदरूनी शिकायत समिति के पास भेज दिया जाएगा। नियमों के मुताबिक, समिति कार्रवाई करेगी और शिकायत पर कार्रवाई की प्रगति इस वेबसाइट पर अपडेट भी करेगी।