एक साथी की पिटाई से भड़के वेंडरों ने शताब्दी एक्सप्रेस में ड्यूटी से हाथ खींच लिए। इससे यात्रियों को ठीक समय पर भोजन-पानी नहीं मिल पाया।
रेलवे ने किसी तरह दूसरे वेंडरों की व्यवस्था से स्थिति सामान्य कराने की कोशिश की। देहरादून पहुंचने पर भी कुछ यात्रियों ने इस पर विरोध जताया है। रेलवे ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं।
जानकारी के अनुसार, शताब्दी एक्सप्रेस के बुधवार सुबह नई दिल्ली से दून के लिए रवाना होते वक्त ठेकेदार के मैनेजर का एक वेंडर से विवाद हो गया। आरोप है कि मैनेजर ने वेंडर के थप्पड़ जड़ दिया। जिससे वेंडर के कान का पर्दा फट गया।
साथी वेंडरों को इसका पता लगा तो उन्होंने विरोध करना शुरू कर दिया। ट्रेन भी रवाना होने वाली थी। रेलवे स्टाफ ने आनन फानन में अधिकारियों को इसकी सूचना दी। वीआईपी ट्रेन में वेंडरों के ड्यूटी न करने से रेलवे अधिकारियों की पेशानियों पर बल पड़ गए।
रेलवे ने वैकल्पिक व्यवस्था करने की कोशिश की, लेकिन समय कम होने की वजह से यह संभव नहीं हो पाया। रेलवे कुछ ही वेंडरों को ट्रेन में जाने के लिए राजी कर पाया। थोड़ी देर बाद कुछ वेंडरों को बस से रवाना किया गया। ये वेंडर हरिद्वार में ट्रेन तक पहुंच पाए।
इस बीच पूरे रास्ते वीआईपी ट्रेन में यात्रियों को भोजन पानी के लिए खासी दिक्कत का सामना करना पड़ा। स्टेशन अधीक्षक करतार सिंह ने घटना की पुष्टि की है। स्टेशन अधीक्षक ने बताया कि शाम को शताब्दी एक्सप्रेस को दून से नई दिल्ली रवाना करते समय वेंडरों की वैकल्पिक व्यवस्था की गई है।