मां दुर्गा को लाल रंग खासा पसंद है, इसलिए मां को लाल रंग का आसन दें। प्रतिपदा के दिन सुबह स्नान के बाद मंदिर की सफाई करें। इसके बाद गणेश जी का नाम लें फिर मां दुर्गा के नाम से अखंड ज्योत जलाएं। कलश स्थापना के लिए मिट्टी के पात्र में मिट्टी डालकर उसमें जौ के बीज बोएं।
अब एक तांबे के लोटे पर रोली से स्वास्तिक बनाएं। लोटे के ऊपरी हिस्से में मौली बांधे। अब इस लोटे में पानी भरकर उसमें कुछ बूूंद गंगाजल की डालें। उसमें दूब, सुपारी, इत्र और अक्षत डालें। इसके बाद कलश में आम के पांच पत्ते लगाएं।
अब एक नारियल को लाल कपड़े से लपेटकर उसे मौली से बांध लें। फिर नारियल को कलश के ऊपर रख दें। इस कलश को मिट्टी के उस पात्र के ठीक बीचों-बीच रख दें, जिसमें जौ बोएं है। कलश स्थापना के साथ ही नवरात्र के नौ व्रत रखने का संकल्प लें।