शांतिकुंज प्रमुख डॉक्टर प्रणव पांड्या के नाबालिग से दुष्कर्म मामले में पीड़िता की ओर से चर्चित निर्भया रेप कांड प्रकरण में आरोपियों की ओर से पैरवी कर चुके अधिवक्ता एपी सिंह ने हाईकोर्ट में अपना शपथपत्र पेश किया है। एपी सिंह ने प्रणव पांड्या की गिरफ्तारी पर लगी रोक के आदेश को निरस्त करने के लिए प्राथर्ना पत्र भी दिया है।
पीड़िता के अधिवक्ता ने अपने शपथपत्र में कहा है कि पांड्या अपनी ताकत का दुरुपयोग कर रहा है और दुष्कर्म के आरोप में मुख्य गवाह राजेंद्र नामक व्यक्ति की शांतिकुंज के अंदर हत्या करवा दी गई, जिसे आत्महत्या का रूप दिया गया। वहीं सरकार की ओर से अब तक पीड़िता व उसके परिवार समेत गवाह को किसी भी तरह की सुरक्षा नहीं दी गई है। इसके चलते वे कोर्ट में नहीं आ सके।
लिहाजा प्रणव पांड्या की गिरफ्तारी पर लगाई गई रोक को जल्द से जल्द निरस्त किया जाए और केस को सुनवाई के लिए किसी अन्य हाईकोर्ट में ट्रांसफर किया जाए। उनका यह भी कहना है कि उत्तराखंड पुलिस दवाब में है वह सही तरीके से जांच नहीं कर पा रही है। मामले में सुनवाई सम्भवत: 21 जुलाई मंगलवार को होगी।
मामले के अनुसार शांतिकुंज प्रमुख डॉ प्रणव पंड्या ने अपने घर में काम करने वाली नाबालिग के साथ कई बार दुष्कर्म किया जिसकी शिकायत नाबालिग ने पांड्या की पत्नी से भी की, लेकिन पांड्या की पत्नी ने उसे डरा धमका कर उसका मुंह बंद कर दिया। इसके बाद पीड़िता के परिवार ने दुष्कर्म की जीरो एफआईआर दिल्ली के थाने में दर्ज कराई थी।