नैनीताल हाईकोर्ट ने नाबालिग से दुष्कर्म के मामले की अगली सुनवाई के लिए एक सप्ताह बाद की तिथि नियत की है। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश रवि मलिमठ एवं न्यायमूर्ति रवींद्र मैठाणी की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई।
मामले के अनुसार अधिवक्ता विवेक शुक्ला ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि वर्ष 2010 से 2014 में छत्तीसगढ़ निवासी गरीब माता-पिता ने अपनी पुत्री (14) को देहरादून निवासी प्रणव पंड्या और उनकी पत्नी के यहां काम करने के लिए छोड़ा था।
याचिका में कहा गया कि प्रणव पंड्या ने नाबालिग के साथ कई बार दुष्कर्म किया, जिसकी शिकायत पीड़िता ने उनकी पत्नी से की तो उसने नाबालिग को डरा धमकाकर उसका मुंह बंद करा दिया गया।
याचिकाकर्ता ने आरोपितों की खाता सील करने के साथ ही उत्तराखंड में संचालित उनकी चार्टर्ड यूनिवर्सिटी पर भी कार्रवाई करने की मांग भी की थी। याचिका में कहा गया कि पंड्या की पत्नी शैलजा के खिलाफ दिल्ली के विवेक विहार में भी जीरो एफआईआर दर्ज कराई गई है।