सैकड़ों करोड़ रुपये के छात्रवृत्ति घोटाले में समाज कल्याण विभाग के उपनिदेशक जगमोहन सिंह कफोला को सचिव समाज कल्याण एल फैनई ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है। कफोला से एसआईटी जांच में लगे आरोपों को लेकर 15 दिन में स्पष्टीकरण मांगा गया है।
बता दें कि उच्च न्यायालय ने शासन को एसआईटी जांच में आरोपी विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई का ब्योरा तलब किया था। इसके बाद विभागीय स्तर पर कार्रवाई में तेजी आई। इससे पूर्व भी विभाग के दो अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए जा चुके हैं।
शासन ने विभागीय कार्रवाई के तहत कफोला का कारण बताओ जारी किया है। ये नोटिस एसआईटी जांच अधिकारी नैनीताल (हल्द्वानी) पुलिस उपाधीक्षक शांतनु पाराशर की जांच की रिपोर्ट के आधार पर जारी किया गया है। कफोला पर तत्कालीन जिला समाज कल्याण अधिकारी के तौर पर छात्रवृत्ति जारी करने के एवज में 10 प्रतिशत कमीशन का आरोप है।
एसआईटी की विवेचना में यह तथ्य भी सामने रहा कि ओम संतोष प्राइवेट आईटीआई चकहरेटी, सहारनपुर, मोनार्ड यूनिवर्सिटी व कृष्णा प्राइवेट आईटीआई कमालपुर सहारनपुर में छात्रवृत्ति को लेकर अनियमितता हुई है। इन सभी संस्थानों में छात्रवृत्ति जारी करने में तत्कालीन जिला समाज कल्याण अधिकारी के तौर पर कफोला की भूमिका रही है।
एसआईटी ने उनकी भूमिका को संदिग्ध पाया है। सचिव समाज कल्याण एल फैनई ने विवेचना में दर्ज आरोपों के आधार पर उपनिदेशक को 15 दिन में जवाब देने को कहा है।