शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती
शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने कहा कि पहाड़ों को काटकर सुरंग बनाने से या मार्ग बनाने के लिए पहाड़ों को काटने के लिए डायनामाइट के ब्लास्ट किए जाते हैं। अब रेल मार्ग बनाने के लिए बड़े स्तर पर पहाड़ों के साथ छेड़छाड़ की जाएगी। इससे पहाड़ों के जलस्रोत बंद हो जाएंगे।
इससे लोगों को फसल उगाने के साथ-साथ पीने के लिए भी पानी मयस्सर नहीं होगा, तो ऐसे क्षेत्रों की जनता को पलायन से रोकना असंभव होगा। दूसरे पहाड़ों में सुरंग बनाने और काटने से दरार आ जाती हैं। दरार आने से पहाड़ खिसकने लगता है और कंपन या भूकंप आने से बड़ी क्षति उठानी पड़ती है।
उन्होंने चारधाम को 12 महीने की बनाने का विरोध किया। बोले कि चारधाम वर्ष में केवल 4 महीने ही यात्रा चलनी चाहिए। पर्यटन और विकास के नाम पर विभिन्न यात्राएं शुरू कर दी गई है, जोकि पूरे वर्ष चलती है। उन्होंने इसे धर्म के खिलाफ बताते हुए यात्रा को व्यावसायिक करने के बजाय प्राचीन नियमों पर ही यात्रा चलाने को कहा।