फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पीछे नहीं हटूंगा, चाहें फांसी चढ़ा दोः शंकराचार्य

Tue, 24 Jun 2014 10:19 PM IST
अमर उजाला, हरिद्वार
विज्ञापन
विज्ञापन
शारदा और ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने कहा कि वे साईं मंदिरों के खिलाफ अपनी बात पर कायम रहेंगे।
विज्ञापन


इसके लिए वे फांसी तक चढ़ने को तैयार हैं और 24 अवतारों के अलावा अन्य किसी के मंदिर का समर्थन नहीं करेंगे।

जिन लोगों ने पाकिस्तान में जन्मे चांद मियां को साईं राम बना दिया, उनके साथ कोई समझौता संभव नहीं। वे किसी एफआईआर से भी डरने वाले नहीं है।

हिंदुओं को बांटने का प्रयत्न

शंकराचार्य के रूप में उनका दायित्व हिंदू समाज को जोड़ना है। यह कार्य वे जीवन भर करते रहेंगे। शंकराचार्य ने कहा कि देश का पूरा साधु समाज उनके साथ है।

हमारी बात तर्क और शास्त्र पर आधारित है। कुछ ताकतें हिंदू समाज का ध्यान राम मंदिर से हटाने का प्रयत्न करती आई हैं। इसलिए नए-नए मंदिर बनाकर हिंदुओं को बांटने का प्रयत्न किया जा रहा है।

साईं के मंदिर बनाने वाले लोग उन्हें कभी शिव साईं कहते हैं तो कभी साईं राम। राम और शिव के नाम साईं के साथ जोड़ना गलत हैं। भ्रम फैलाने वालों से देश की जनता भली-भांति निपटना जानती है।
विज्ञापन

हिंदू धर्म को तोड़ने की कोशिश

शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती ने कहा कि भगवान के 24 अवतारों के अलावा अन्य किसी का मंदिर नहीं बनना चाहिए।

यह वे एक अरब हिंदुओं के धर्मगुरु होने के नाते कह रहे हैं। बहुत सी शक्तियां हिंदू धर्म को तोड़ने की कोशिश करती आई हैं।

इतिहास गवाह है कि बौद्धों ने बद्रीनाथ में भगवान विष्णु की मूर्ति अलकनंदा में फेंक दी थी। बाद में आद्य जगद्गुरु शंकराचार्य ने बद्रीनाथ जाकर भगवान विष्णु की मूर्ति मंदिर में स्थापित की। अब इस तरह की इजाजत नहीं दी जाएगी।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें