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'साईं को मुस्लिम कहना हिंदुओं को बांटने की साजिश'

Thu, 04 Sep 2014 08:19 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, हरिद्वार
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महर्षि वेदव्यास प्रतिष्ठान पुणे के अध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरी ने कहा कि साईं बाबा को मुस्लिम बताकर हिंदू धर्म को विभाजित करने की प्रवृति खतरनाक है।
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साईं बाबा सनातनी हिंदू ब्राह्मण थे। ‘अमर उजाला’ से बातचीत में स्वामी गोविंद देव गिरी ने कहा कि साईं बाबा जैसे ब्राह्मण को विवादित करने का प्रयत्न यदि धर्म क्षेत्र से किया गया तो आज की युवा पीढ़ी धर्म से दूरी बना सकती है।

उन्होंने कई ऐसे प्रमाण प्रस्तुत किए जो साईं बाबा को हिंदू साबित करते हैं। कहा कि शुक्ल यजुर्वेद की काण्व शाखा से आने वाले साईं बाबा का जन्म स्थान महाराष्ट्र के जिला परभणी, पाथरी गांव में आज भी मौजूद है। उनके जन्म स्थान पर भव्य साईं मंदिर खड़ा है।
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बाबा स्वयं को कहते थे रमते राम

साईं बाबा स्वयं को रमते राम कहा करते थे। ‘रमते राम आयोजी आयोजी। उदियां की गोनियां लायोजी’। यह पद वे नित्य गाया करते थे।

महाराष्ट्र में बहुत से लोग उन्हें भगवान दत्तात्रेय का अवतार मानते हैं। भारतीय संस्कृति कोश के लेखक पंडित महादेव शास्त्री जोशी के तमाम प्रतिपादन साईं बाबा को हिंदू बताते हैं।

कौन हैं गोविंद देव गिरि?
स्वामी गोविंद गिरि की गिनती देश के उन विद्वानों में होती है, जिनका अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नाम है। संन्यास दीक्षा लेने से पूर्व उन्हें आचार्य किशोर व्यास के नाम से जाना जाता था। किशोर व्यास विख्यात कथाकारों की उस पंक्ति से आते हैं।
जिससे मुरारी बापू और रमेश भाई ओझा का आगमन हुआ। किशोर व्यास ने निवृत्त शंकराचार्य स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि से दीक्षा ली।

इससे पूर्व विद्वान जूना पीठाधीश्वर स्वामी अवधेशानंद भी सत्यमित्रानंद से दीक्षा लेकर महामंडलेश्वर बन चुके थे। दीक्षित होने के बाद किशोर व्यास का नाम गोविंद देव गिरि रख दिया।
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