अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने संतों के समाधि स्थल के लिए भूमि का प्रस्ताव डीएम के जरिये शासन को भेजा है। उन्होंने नीलधारा के पास स्थित भूखंड को वरीयता दी गई है। बैरागी द्वीप के भूखंड पर सांप, अजगर आदि निकल आने की वजह से इस स्थल को प्राथमिकता में नहीं रखा गया है।
परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री श्रीमहंत हरि गिरि की अगुवाई में संतों ने इस संबंध में प्रस्ताव डीएम को सौंपा। प्रस्ताव पर सभी अखाड़ों के प्रतिनिधियों के हस्ताक्षर है। अखाड़ा परिषद ने मांग की है कि बरसात के सीजन से पहले चार हेक्टेयर जमीन परिषद को सौंप दी जाए।
साथ ही कहा कि इस जमीन पर चारदीवारी का कार्य भी प्रशासन करे। श्रीमहंत हरि गिरि ने कहा कि दशनाम संन्यास परिषद जल्द से जल्द गंगा नदी में जल समाधि देने का कार्य बंद करना चाहती है। यह तभी संभव है, जब जमीन को जल्द से जल्द विकसित कर परिषद को सौंपा जाए।