पांच फरवरी 2021 को डोईवाला क्षेत्र की एक महिला ने गुरजीत सिंह निवासी चचरारी, जागरोन, लुधियाना के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। महिला ने पुलिस को बताया था कि उनकी नाबालिग बेटी अपनी बहन के साथ बाजार गई थी। नाबालिग ने बताया था कि गुरजीत ने उसके साथ गलत काम किया है।
साक्ष्यों के अभाव और गवाहों के बयानों में विरोधाभास के चलते न्यायालय ने दुष्कर्म के आरोपी को बरी कर दिया। मुख्य गवाहों ने कोर्ट में हुई जिरह में आरोपी को पहचानने से ही इन्कार कर दिया। आरोपी के खिलाफ 2021 में डोईवाला पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था।
विज्ञापन
बचाव पक्ष के अधिवक्ता आशुतोष गुलाटी ने बताया कि पांच फरवरी 2021 को डोईवाला क्षेत्र की एक महिला ने गुरजीत सिंह निवासी चचरारी, जागरोन, लुधियाना के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। महिला ने पुलिस को बताया था कि उनकी नाबालिग बेटी अपनी बहन के साथ बाजार गई थी।
कुछ देर बाद देखा तो वह गायब हो गई। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर नाबालिग की तलाश की तो वह लुधियाना से बरामद की गई। पुलिस ने गुरजीत को गिरफ्तार कर लिया। नाबालिग ने बताया था कि गुरजीत ने उसके साथ गलत काम किया है।
पुलिस ने अदालत में नियत समय पर नाबालिग से दुष्कर्म के आरोप में चार्जशीट दाखिल की। जिरह के दौरान पीड़िता और उसकी मां के बयानों में विरोधाभास पाया गया। इसके साथ ही उन्होंने पूर्व की कहानी को भी अदालत में नहीं दोहराया। इस पर संदेह का लाभ देते हुए स्पेशल पॉक्सो जज मीना देऊपा की अदालत ने गुरजीत सिंह को ससम्मान बरी कर दिया।