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मंत्री से मिलकर छलक उठा दुष्कर्म पीड़ित नाबालिग का दर्द, बोली-‘पुलिस अफसर बन दरिंदों को जेल भेजूंगी’

Tue, 04 Jun 2019 08:19 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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बच्ची से मिलने पहुंची मंत्री रेखा आर्य - फोटो : अमर उजाला
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नौ साल की दुष्कर्म पीड़िता बच्ची से मिलने जब महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री रेखा आर्य पहुंचीं तो बच्ची का दर्द छलक उठा। बच्ची ने कहा कि 'मैं पढ़-लिखकर पुलिस अफसर बनूंगी और ऐसे दरिंदों को सलाखों की पीछे पहुंचाऊंगी ताकि मेरी तरह कोई भी बच्ची ऐसी दरिंदगी का शिकार होने से बच सके’।

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नैनबाग क्षेत्र में दुष्कर्म का शिकार हुई बच्ची दून महिला अस्पताल में भर्ती है। बच्ची की बातें सुनकर मंत्री रेखा आर्य ने बच्ची के हौसले को सराहा और परिवार को हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। 
 

ढाई लाख रुपये की मदद

महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री रेखा आर्य ने करीब आधे घंटे तक बच्ची और उसकी मां से बातचीत कर पूरी घटना की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि कहीं न कहीं समाज में नैतिकता का स्तर गिर रहा है और संस्कारों का अभाव भी दिखाई पड़ रहा है।

उन्होंने कहा कि सरकार अपना दायित्व निभा रही है। घटना की जानकारी मिलते ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। साथ ही पीड़ित परिवार को ढाई लाख रुपये की मदद भी दी गई है। इसके अलावा विभाग के माध्यम से भी अपराध से पीड़ित सहायता योजना के तहत सात लाख रुपये तक की सहायता दी जाएगी।
 

सीओ को हटाया, पीएसी में तबादला

उन्होंने बताया कि कोर्ट के आदेश पर यह धनराशि बढ़ भी सकती है। इसके अलावा बच्ची का मनोबल बढ़ाने की पूरी कोशिश की जाएगी। साथ ही बच्ची दोबारा पढ़ाई शुरू कर सके, इसके लिए पूरी मदद की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस मामले में डीजीपी से बात कर एक ही गाड़ी में पीड़िता और आरोपी को ले जान वाले पुलिसकर्मी को सस्पेंड कराने की भी वार्ता करेंगी।

दुष्कर्म पीड़ित बच्ची और आरोपी को एक ही वाहन में बैठाकर ले जाने के मामले में नरेंद्रनगर के सीओ उत्तम सिंह जिमवाल का तबादला पीएसी ऊधमसिंह नगर में कर दिया गया है। साथ ही मामले में जांच बैठा दी गई है। पूरे मामले की जांच अब आईआरबी में तैनात एएसपी स्वप्न किशोर को सौंपी गई है। वहीं, जिमवाल के स्थान पर सीओ प्रमोद शाह को टिहरी भेजा गया है। 

पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल

नैनबाग क्षेत्र में नौ साल की बालिका से दुष्कर्म के मामले में परिजन पहले ही दिन से पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं। शर्मसार करने वाली दुष्कर्म की यह घटना 30 मई की है। लहूलुहान हालात में बालिका को दून अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

इसके बावजूद पुलिस ने मजिस्ट्रेट के सामने बयान दर्ज कराने के लिए बालिका को अगले दिन ही अस्पताल से डिस्चार्ज करा लिया था। यही नहीं पुलिस आरोपी और बालिका को एक ही वाहन में टिहरी ले गई थी। एक जून को विवेचक पीड़िता को कैंपटी थाने लाए और बच्ची को आरोपी के साथ एक ही वाहन में टिहरी ले गए।
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बालिका की तबियत बिगड़ गई थी

आरोपी को सामने देख भयभीत हुई बालिका की तबियत बिगड़ गई थी। पुलिस ने उसी दिन रात एक बजे बच्ची को घर छोड़ा। पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था अशोक कुमार ने बताया कि परिजनाें की शिकायत पर जांच अधिकारी सीओ उत्तम सिंह जिमवाल का स्थानांतरण पीएसी ऊधमसिंह नगर कर दिया गया है। उनके स्थान पर सीओ प्रमोद शाह को भेजा गया है।

दुष्कर्म के मुकदमे की विवेचना अब आईआरबी हरिद्वार में तैनात अपर पुलिस अधीक्षक स्वप्न किशोर को सौंपी गई है। इसके अलावा आरोपी और पीड़ित बालिका को एक वाहन में लाने की जांच भी उन्हें ही साैंपी गई है
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