गौरतलब है कि बीते 16 सितंबर को पुलिस ने ‘अमर उजाला’ की सूचना पर भाऊवाला स्थित एक बोर्डिंग स्कूल में छापा मारा था। सूचना था कि यहां नौवीं कक्षा की छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म हुआ था। प्राथमिक जांच में ही सूचना की पुष्टि हुई और पुलिस ने दुष्कर्म के आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। जांच में आया था कि यहां न सिर्फ छात्रा से दुष्कर्म हुआ बल्कि प्रबंधन के लोगों ने मामले को दबाने का भी भरसक प्रयास किया।
उन्होंने पीड़िता को डराया धमकाया और पुलिस के डर से आरोपी छात्रों को छुपा भी दिया। मामले में पुलिस ने स्कूल की निदेशक लता गुप्ता, प्रिंसिपल, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी, उसकी पत्नी और आया को भी गिरफ्तार कर लिया। छात्रों में से चार तीन छात्र नाबालिग थे, जबकि सर्वजीत नाम का छात्र बालिग निकला। इस मामले में नाबालिगों को किशोर न्याय बोर्ड ने बाल सुधार गृह भेज दिया था, जबकि सभी छह वयस्क आरोपियों को पोक्सो कोर्ट ने सुद्धोवाला जेल भेज दिया था।
पुलिस ने बृहस्पतिवार को मामले में 59वें दिन न्यायालय में चार्जशीट दाखिल कर दी। एसओ सहसपुर नरेश सिंह राठौर ने बताया कि तीनों नाबालिगों के खिलाफ किशोर न्याय बोर्ड में सामूहिक दुष्कर्म व पोक्सो का आरोपपत्र दाखिल किया गया है। बोर्ड ने आरोपपत्र को स्वीकार भी कर लिया है। जबकि, प्रबंधन के सदस्यों और बालिग छात्र के खिलाफ पोक्सो कोर्ट में आईपीसी की धारा 120बी(आपराधिक षडयंत्र), 212(आरोपियों को आश्रय देना), 201(साक्ष्य छुपाना), 34(एक राय होकर अपराध करना) और 313(जबरन गर्भपात कराना) धाराओं में आरोपपत्र दाखिल किया गया है।