इसके बाद से सभी वयस्क आरोपी सुद्धोवाला जेल में और नाबालिग बाल सुधार गृह हरिद्वार में हैं। इस मामले में पुलिस ने कई वैज्ञानिक और लिखित व मौखिक साक्ष्यों को तफ्तीश में शामिल किया है। इसके क्रम में पीड़िता की क्लास टीचर और कोर्स को-ऑर्डिनेटर भी पुलिस के सामने आईं हैं।
थानाध्यक्ष सहसपुर नरेश सिंह राठौर ने बताया कि दोनों का कहना है कि निदेशक ने उन पर भी मामले को छुपाने का दबाव बनाया था। साथ ही कहा था कि वे पीड़िता को भी समझाएं, किसी को यह बात नहीं बतानी है। राठौर ने बताया कि दोनों के अदालत में बयान दर्ज कराए जाएंगे। फिलहाल चार्जशीट पर काम चल रहा है। जल्द ही यह तैयार कर समय से न्यायालय में पेश की जाएगी।