हेलमेट न होने से दोनों भाई गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना पर पहुंचे परिजनों ने उन्हें चामुंडा स्थित एक निजी अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने आकाश को मृत घोषित कर दिया, जबकि उसके भाई चिराग की कुछ देर बाद उपचार के दौरान मौत हो गई।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने पोस्टमार्टम कराने के बाद दोनों भाइयों के शव परिजनों को सौंप दिए। दोनों के बड़े भाई दीपक ने बताया कि पिता रामअवतार की पांच वर्ष पहले मृत्यु हो चुकी है। परिवार में मां किरन देवी, विधवा बहन परमजीत कौर के अलावा छोटी बहन ज्योति (17), रोशनी (12) हैं।
ग्राम बरखेड़ी के उप ग्राम प्रधान हरजिंदर सिंह ने बताया कि प्रेम विवाह करने के चलते ग्राम प्रधान परमजीत कौर के ससुराल वाले उन्हें पंसद नहीं करते थे। तीन वर्ष पहले पति चमकौर सिंह की मौत के बाद से परमजीत का अपने ससुरालियों के साथ विवाद रहने लगा। बहन की देखरेख के लिए मायके पक्ष के लोग अक्सर उसके घर आते-जाते रहते थे। दोनों भाई आकाश व चिराग उसके घर पर ही रहते थे। जबकि बड़ा भाई दीपक अपने गांव में ही रहकर परिवार की देखभाल करता है।