16 सितंबर 2018- अमर उजाला को सूचना मिली, जिसके बाद पुलिस ने स्कूल में छापा मारा।
17 सितंबर 2018- छात्रा के पिता ने मुकदमा दर्ज कराया, जिसके बाद आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
18 सितंबर 2018- एक नाबालिग छात्र के बालिग होने का पता चला, वयस्क आरोपियों के साथ जेल भेजा गया।
22 सितंबर 2018- प्रकरण की जांच के लिए एसआईटी का गठन हुआ।
23 सितंबर 2018- एसआईटी ने मौके पर जाकर सभी साक्ष्यों की पड़ताल की।
24 सितंबर 2018- बोर्डिंग स्कूल के सभी हॉस्टल खाली हुए, परिजनों ने बच्चे निकाले।
05 अक्तूबर 2018- पीड़िता के पिता का वॉयस सैंपल एफएसएल जांच के लिए भेजा गया।
30 अक्तूबर 2018- पुलिस को छात्रा की क्लास टीचर व एक अन्य ने भी दिए बयान।
15 नवंबर 2018- तीन नाबालिगों समेत सभी नौ आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई।
15 जनवरी 2020- कोर्ट में ट्रायल पूरा हुआ। कुल 18 गवाहों की हुई गवाही।