सिपाही का कहना है कि विधायक और उनके साथियों ने मारपीट करते हुए छह वीडियो बनाए हैं। जो बयानों में कहलवाना था वह इन वीडियो में रिकॉर्ड किया गया। इसके बाद जब सीओ के सामने जब वह कोई शब्द भूलता था तो यह वीडियो दिखाकर याद कराया जाता था। सिपाही ऑडियो में किसी अन्य महिला के बारे में भी बात कर रहा है। आरोप लगा रहा है कि विधायक ने कहा है कि उन्होंने महिला के बयान भी बदलवा दिए हैं। इसके लिए महिला को मोटा पैसा दिया गया है।
कहा-कोर्ट में दूंगा अपने बयान
सिपाही रोते हुए भी अपनी बात कह रहा है। महिला इस पर उसे समझा रही है कि वे दोनों पुराने दोस्त हैं। घबराने की जरूरत नहीं है। इस पर सिपाही का कहना है कि वह बहुत दुखी है। वह अपने बयान कोर्ट में दर्ज कराने की बात भी कह रहा है।
विरोधाभास आया तो होगा पॉलिग्राफ टेस्ट: डीआईजी
इस मामले में डीआईजी अरुण मोहन जोशी ने बताया कि अभी तक पुलिस के पास बहुत से साक्ष्य आए हैं। इनके आधार पर ही जांच चल रही है। यदि कोई भी बयान दर्ज कराने वाला व्यक्ति अपनी बात दोबारा कहना चाहता है तो वह पुलिस को बता सकता है। इस मामले में यदि गवाहों के बयानों में विरोधाभास सामने आता है तो भविष्य में पॉलिग्राफ टेस्ट की प्रक्रिया को भी अमल में लाया जा सकता है।