उत्तराखंड में सातवां वेतनमान लागू करने वाला यह पहला निगम बन गया है। नगर निगम प्रशासन ने सातवें वेतन के हिसाब से कर्मचारियों को भुगतान किया।
सातवां वेतनमान लागू करने वाला हरिद्वार उत्तराखंड का यह पहला नगर निगम बन गया है। नगर निगम प्रशासन ने बुधवार को सातवें वेतन के हिसाब से नवंबर व दिसंबर माह का भुगतान किया है। हालांकि सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पेंशन पर यह भी लागू नहीं किया गया है।
नगर आयुक्त नितिन सिंह भदौरिया ने बताया कि नगर निगम के नियमित करीब 600 अधिकारी व कर्मचारियों को सातवें वेतनमान का लाभ देना शुरू कर दिया गया है। शासन की ओर से सात करोड़ रुपये की राशि मुहैया कराने के बाद नगर निगम को सातवां वेतनमान लागू करने में देर नहीं लगी।
सेवानिवृत्त कर्मचारियों को सातवें वेतनमान के आधार पर पेंशन देने के बारे में शासन से निर्णय नहीं होने और समय से पेंशन भुगतान की व्यवस्था नहीं करने से सेवानिवृत्त कर्मचारियों में रोष है। राजेंद्र तिपाठी ने कहा कि नगर निगम प्रशासन नियमित रूप से पेंशन भुगतान नहीं कर रहा है और कर्मचारियों को आंदोलन कर ही पेंशन लेनी पड़ती है।
आवास खाली करने पर ही मिलेगी पेंशन
सेवानिवृत्त कर्मचारियों को नगर निगम के आवास खाली करने के बाद ही पेंशन मिलेगी। आवास खाली नहीं करने तक पेंशन के भुगतान पर रोक जारी रहेगी। नगर आयुक्त नितिन सिंह भदौरिया ने बताया कि अवैध रूप से आवासों पर काबिज लोगों के खिलाफ बेदखली की कार्रवाई भी की जाएगी। सेवानिवृत्त कर्मचारियों के आवास खाली नहीं करने से मौजूदा कर्मचारियों को आवास नहीं मिल पा रहे हैं।