जंगल के रास्ते में भी भारी बर्फ बिछी होने के कारण वह रास्ता भटक गए। वर्तमान में वह पोल गांव और राड़ी टॉप के बीच मुराल्टा के जंगल में कहीं फंसे हुए हैं। आस-पास कोई गांव या आबादी नहीं होने के कारण उन्हें रहने के लिए भी कोई जगह नहीं मिल पा रही है।
कड़ाके की ठंड के कारण उनके साथी अनुज सेमवाल की तबीयत बहुत बिगड़ गई है। जबकि विशाल और राजन उनसे आगे निकल गए हैं। जिनके बारे में उन्हें कुछ पता नहीं है। उन्होंने बताया कि जंगल में भटकने पर उन्होंने विभिन्न माध्यमों से प्रशासन तक अपने फंसे होने की सूचना पहुंचा दी है। लेकिन अभी तक उन तक मदद नहीं पहुंची है।
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेंद्र पटवाल ने बताया कि राड़ी टॉप के आसपास जंगल में छात्रों के फंसे होने की सूचना मिली है। पुलिस, एसडीआरएफ एवं आपदा प्रबंधन की टीमों को मौके के लिए रवाना किया गया है। इन छात्रों की खोजबीन कर रेस्क्यू की कोशिश की जा रही है।