जानकारी के मुताबिक पाक में जन्मी फरीदा ने 1992 में यूएसए की नागरिकता ली थी। उसके बगैर पासपोर्ट व वीजा के भारत आने का मकसद एजेंसियां पता नहीं लगा सकी थीं। एजेंसियों का कहना था कि कई भाषाओं की जानकार फरीदा काफी तेज-तर्रार है।
पिछले माह फरीदा को उच्च न्यायालय से जमानत मिल गई। मामले का निस्तारण नहीं होने तक फरीदा के देश से बाहर नहीं जाने की शर्त भी लगाई गई है। जमानत लेने वाले अल्मोड़ा के दो लोगों ने मामले के निपटने तक अल्मोड़ा में ही रहने की अपने स्तर से शर्त लगाई है। इधर फरीदा के शुक्रवार को अल्मोड़ा जेल से रिहा होने के बाद से जिले का खुफिया विभाग सतर्क हो गया है और उसकी हर गतिविधियों पर नजर रखे हुए है।
बनबसा सीमा से 12 जुलाई को बिना पासपोर्ट व वीजा के पकड़ी गई पाक मूल की अमेरिकी नागरिक फरीदा को आज अल्मोड़ा जेल से जमानत पर रिहा कर दिया गया है। इसके चलते खुफिया विंग को सतर्क किया गया है। पूरे मामले में नजदीकी नजर रखने को कहा गया है। इस संबंध में अल्मोड़ा पुलिस से भी जानकारी साझा की गई है।
- लोकेश्वर सिंह, पुलिस अधीक्षक, चंपावत।