मारपीट के आरोप में सस्पेंड हुए थे पुलिसकर्मी
पत्नी सुमन देवी ने अजय के साथ चौकी में मारपीट का आरोप लगाया था। तत्कालीन एसएसपी ने चौकी प्रभारी पीडी भट्ट, दरोगा बलदेव सिंह, दरोगा देवेंद्र गौरव, दरोगा विनय सिंह गुसाईं (मृत्यु हो चुकी है), दरोगा केसी भट्ट, कांस्टेबल धीरेंद्र सिंह पटियाल, कांस्टेबल चंद्रप्रकाश और अनूप भाटी को सस्पेंड कर दिया था।
सीबीआई की भी एक साल बाद क्लोजर रिपोर्ट
सीबीआई ने भी शुरुआती जांच के आधार पर करीब एक साल बाद 27 सितंबर 2013 को स्पेशल सीबीआई मजिस्ट्रेट की कोर्ट में क्लोजर रिपोर्ट लगा दी। इसके खिलाफ अजय की पत्नी ने आपत्ति दाखिल की। आरोप लगाया कि सीबीआई ने भी पुलिस के अधिकारियों की तरह इसे सत्यता से नहीं जांचा है। क्लोजर रिपोर्ट सत्यता से परे है। इसमें न तो अजय के मोबाइल लोकेशन का जिक्र है और न ही मुख्य गवाह की गवाही। न्यायालय ने भी सभी तथ्यों की जांच करते हुए पाया कि सीबीआई ने केवल मेडिकल रिपोर्ट और पुलिसकर्मियों की गवाही के आधार पर ही क्लोजर रिपोर्ट लगा दी।
एक फरवरी को होंगे पेश
स्पेशल न्यायिक मजिस्ट्रेट सीबीआई संजय कुमार की अदालत ने तत्कालीन चौकी प्रभारी पीडी भट्ट, दरोगा बलदेव सिंह, दरोगा देवेंद्र गौरव, कांस्टेबल धीरेंद्र सिंह पटियाल, कांस्टेबल चंद्रप्रकाश, अनूप भाटी और कोतवाली के दरोगा केसी भट्ट को हत्या का आरोपी पाया। तथ्यों के आधार पर पाया कि अजय को 12 सितंबर 2012 को नहीं बल्कि चार सितंबर 2012 को गिरफ्तार किया गया था। इस दरम्यान उसके साथ मारपीट की गई। उसके शरीर पर गंभीर चोटें आईं। 12 सितंबर को जेल में तबीयत खराब होने के बाद उसकी मौत हो गई। अदालत ने इन सभी आरोपियों को एक फरवरी 2023 को पेश होने के आदेश दिए हैं।