प्रदेश में 70 विधानसभा सीटों के लिए आए कुल 720 नामांकन पत्रों की जांच के बाद प्रदेश भर में कुल 35 नामांकन पत्र आवश्यक दस्तावेजों के अभाव एवं अन्य त्रुटियों के चलते निरस्त हो गए।
मुख्यमंत्री हरीश रावत के किच्छा विधानसभा और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष किशोर उपाध्याय के सहसपुर विधानसभा में किए गए नामांकन के खिलाफ की गई आपत्तियां भी निर्वाचन अधिकारियों द्वारा निरस्त कर दी गईं। चंपावत और बागेश्वर जनपद की विधानसभा सीटों में एक भी नामांकन निरस्त नहीं हुआ।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय से मिली सूचना के मुताबिक, नामांकन पत्रों की छंटनी के बाद अब मैदान में 687 उम्मीदवार रह गए हैं। जांच के दौरान उत्तरकाशी के यमुनोत्री विस में एक, चमोली की बदरीनाथ व कर्णप्रयाग क्षेत्र में एक-एक, टिहरी के घनसाली व देवप्रयाग में एक-एक, देहरादून की सहसपुर विस में दो, धर्मपुर में चार, रायपुर में एक, कैंट में एक, मसूरी में एक और डोईवाला में एक नामांकन निरस्त हुआ।
हरिद्वार जनपद के ज्वालापुर में एक, भगवानपुर में एक, रूड़की में दो, खानपुर में एक और हरिद्वार ग्रामीण में एक नामांकन पत्र रद्द किया गया। पौड़ी जनपद की कोटद्वार विस में एक, पिथौरागढ़ जनपद की धारचूला में एक और डीडीहाट में एक पर्चा निरस्त हुआ।
अल्मोड़ा द्वारहाट में दो, नैनीताल जिले की लालकुआं विस से एक, हल्द्वानी में एक, कालाढुंगी में एक, रामनगर विस में एक नामांकन रद्द हुआ। ऊधमसिंह नगर की गदरपुर, किच्छा, सितारगंज, नानकमत्ता और खटीमा में एक-एक नामांकन पत्र रद्द हुआ।