देहरदून। वन विभाग में नौकरी लगवाने के नाम पर सात लाख रुपये हड़पने का मामला सामने आया है। आरोप है कि ठगी करने वाले ने एक फर्जी नियुक्ति व ट्रेनिंग पत्र भी दिया था। मुकदमा दर्ज करने के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
कैंट पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार विजयपाल सिंह नेगी निवासी नया गांव सेना से सेवानिवृत्त हैं। एक साल पहले उनकी मुलाकात यादवानंद सेमवाल निवासी नया गांव गोपीवाला से हुई थी। उसने पूजापाठ के बहाने उनके घर में आना जाना बढ़ा दिया। इस बीच उसने कहा कि उसकी वन विभाग में अच्छी पकड़ है। लिहाजा वह उनके भांजे जगतराम की वन विभाग में नौकरी लगवा सकता है। इसके लिए उसने सात लाख रुपये लिए। कुछ दिन बाद यादवानंद ने उन्हें नियुक्ति पत्र व ट्रेनिंग लेटर लाकर दिया। इसे देखकर उन्हें और भी यकीन आ गया। लेकिन, कुछ दिन बाद उन्हें पता चला कि यह सब फर्जी है। उन्होंने पैसे वापस मांगे, लेकिन यादवानंद उन्हें टालता रहा। इस बीच उसने साठ हजार रुपये वापस भी किए, लेकिन इसके बाद एक रुपया भी वापस नहीं किया। अब यादवानंद के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस के अनुसार आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है।