दून से एटीएम का डाटा चुराकर जयपुर और दिल्ली से रकम निकालने के मामले में संदेह के दायरे में 15 एटीएम में से शहर के सात एटीएम में ट्रांजेक्शन बंद हो गया है। दो को सोमवार को सील किया जा चुका है। एसटीएफ और पुलिस ने कई महत्वपूर्ण इनपुट मिलने के बाद साइबर क्रिमिनल्स की घेराबंदी तेज कर दी है।
टावरों से लिए गए लाखों मोबाइलों के डाटा में से करीब 600 नंबरों को प्रथम दृष्टया संदेह के दायरे में रखा गया है, जिनके सत्यापन की कार्रवाई चल रही है। मंगलवार को खाते से रकम निकाले जाने की 13 नई शिकायतें आईं हैं, जिसमें एक खाते से एक लाख 20 हजार रुपये निकाले गए हैं, यह एक खाते से निकाली गई अब तक की सबसे बड़ी राशि है।
उधर आरबीआई ने बैंक अधिकारियों के साथ बैठक कर ग्राहकों को जागरूक करने सहित कई निर्देश दिए हैं। वहीं अपर पुलिस महानिदेशक राम सिंह मीणा ने अब तक हुई कार्रवाई की समीक्षा की।
पीड़ितों के थाने पहुंचने की संख्या बढ़ी
साइबर अटैक
- फोटो : SELF
साइबर क्रिमिनल्स के कहर के मामले में सोमवार को दो एटीएम सील करने के बाद मंगलवार को संदेह के दायरे में आए सात और एटीएम को एहतियात के तौर पर बंद करा दिया गया है। मोहिनी रोड के एक अन्य एटीएम की जांच की जा रही है, यहां पर कई पीड़ितों ने मशीन में एटीएम कार्ड स्वाइप किया था, लेकिन रकम न होने के कारण निकासी नहीं हो पाई थी।
यह भी आशंका जताई गई है कि डाटा ऐसे एटीएम से उड़ाया गया होगा। एक दो दिन में इन मशीनों की जांच को दिल्ली की एक्सपर्ट टीम आने वाली है, जिसके बाद तस्वीर पूरी तरह साफ होने की उम्मीद है।
इसी बीच पीड़ितों के थाने पहुंचने की संख्या बढ़ती जा रही है। मंगलवार को नेहरू कॉलोनी थाने में नौ और शिकायतें आईं हैं। इनमें से चार शिकायत एसएसपी के माध्यम से आईं हैं। एसटीएफ ने चार शिकायतों को साइबर थाने में दर्ज कराया है। आशंका जताई जा रही है कि पीड़ितों की संख्या 100 से अधिक हो सकती है।
उधर पुलिस को सीसीटीवी फुटेज से कई ऐसे फोटोग्राफ मिले हैं, जो अपराधियों तक पहुंचने में मददगार हो सकते हैं। इसी बीच जयपुर और दिल्ली गई टीम ने संदेह के दायरे में आए मोबाइलों का डाटा लिया है, जिसका यहां के डाटा से मिलान किया जाएगा। उधर एडीजी राम सिंह मीणा ने एसएसपी एसटीएफ रिधिम अग्रवाल और एसएसपी निवेदिता कुकरेती को बुलाकर अब तक हुई कार्रवाई की समीक्षा की।