नियुक्ति तिथि के आधार पर वरिष्ठता सूची को सिपाही ठीक नहीं मान रहे। ट्रिब्यूनल ने 12 सप्ताह के भीतर नए कानून के अनुसार सूची जारी करने के लिए कहा।
इंटेलीजेंस के सिपाहियों की वरिष्ठता सूची को लोक सेवा अधिकरण (ट्रिब्यूनल) में चुनौती दी गई है। सिपाहियों का कहना है कि उनकी वरिष्ठता नियुक्ति तिथि के आधार पर मानी गई है, जो कि विभिन्न जनपदों में नियुक्ति के प्रति व्यवहारिक नहीं है।
हालांकि, अभियोजन की ओर से इस सूची को अस्थायी सूची बताते हुए याचिका का विरोध किया। इस पर ट्रिब्यूनल ने याचिका को निरस्त करते हुए पुलिस विभाग को नियमानुसार वरिष्ठता सूची जारी करने के निर्देश दिए और इस निर्देश की कॉपी व अन्य संबंधित दस्तावेज के साथ दोनों को नए सिरे से प्रस्तुत होने के लिए कहा है।
इस पर सहायक अभियोजन अधिकारी ने भी ट्रिब्यूनल के सामने अपने तर्क रखे। बताया कि सिपाहियों की यह याचिका जल्दबाजी में की गई है। अभी तक वरिष्ठता सूची अधिकारिक तौर पर जारी नहीं की गई है। ऐसे में यदि ट्रिब्यूनल विभाग को नियमानुसार वरिष्ठता सूची जारी करने के आदेश देता है तो विभाग इसका पालन करेगा। इस पर ट्रिब्यूनल ने विभाग को जल्द से जल्द नियमानुसार वरिष्ठता सूची जारी करने के लिए कहा है। साथ ही 12 सप्ताह के भीतर दोनों को संबंधित दस्तावेज के साथ प्रस्तुत होने को कहा है।
60 सिपाहियों के प्रमोशन भी हुए
इंटेलीजेंस की ओर से शुक्रवार को 60 सिपाहियों की पदोन्नति के आदेश भी कर दिए गए हैं। साथ ही कहा है कि यह पदोन्नति ट्रिब्यूनल की ओर से पारित अंतिम निर्णय के अधीन रहेंगी। बता दें कि विभागीय अधिकारियों का कहना है कि वरिष्ठता सूची और पदोन्नतियां नियमावली के अनुसार की गई है। नियमावली में वरिष्ठता सूची को नियुक्ति तिथि के आधार पर ही तय किया जाता है।