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हिंदी के वरिष्ठ साहित्यकार पानू खोलिया नहीं रहे

Thu, 02 Jan 2020 05:17 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
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पानू खोलिया - फोटो : अमर उजाला
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एक दौर के चर्चित लेखक और हिंदी के वरिष्ठ साहित्यकार पानू खोलिया का बुधवार सुबह निधन हो गया। उन्होंने मल्ली बमौरी स्थित आवास पर अंतिम सांस ली। वह 80 साल के थे और कुछ समय से बीमार थे। रानीबाग चित्रशिला घाट पर उनकी अंत्येष्टि कर दी गई। 

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उनकी प्रमुख कृतियों में ‘दंडनायक’, ‘अन्ना’, ‘एक किश्ती’ और ‘टूटे हुए सूर्य बिंब’ शामिल हैं। पांच दशकों से भी अधिक समय से हिंदी लेखन में सक्रिय पानू के दो उपन्यास ‘वाहन’ और ‘मुझे मेरे घर जाने दो’ कुछ समय पहले आए हैं। पानू खोलिया का जन्म 1939 में अल्मोड़ा के देवली गांव में हुआ था। 

प्रारंभिक शिक्षा गांव से प्राप्त करने के बाद अल्मोड़ा से उन्होंने उच्च शिक्षा ग्रहण की। आगरा विश्वविद्यालय से परास्नातक करने के बाद राजस्थान उच्च शिक्षा विभाग में प्रोफेसर बने। वहां सेवा पूरी करने के बाद पिछले दो दशक से स्थायी रूप से हल्द्वानी में रह रहे थे। उनके एक पुत्र और चार पुत्रियां हैं। 

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