देहरादून। देवभूमि के पारंपरिक वाद्य यंत्र ढोल और दमाऊ को बढ़ावा दिया जा सके इसके लिए सरकार राज्य स्तरीय प्रतियोगिता आयोजित कराने जा रही है। प्रतियोगिता के आयोजन की जिम्मेदारी संस्कृति विभाग को सौंपी गई है। इतना ही नहीं राज्य सरकार अब ढोल को ‘गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड ’में भी शामिल कराने की तैयारी कर रही है।
संस्कृति विभाग की निदेशक वीना भट्ट ने बताया कि ढोल-दमाऊ प्रतियोगिता का आयोजन मार्च महीने के दूसरे सप्ताह में किया जाएगा। प्रतियोगिता में इस विधा से जुड़े प्रदेश भर के कलाकार शामिल होंगे। निदेशक बीना भट्ट का कहना है कि उत्तराखंड के पारंपरिक वाद्य यंत्र ढोल को गिनीज बुक वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी शामिल कराने को लेकर प्रयास किए जा रहे हैं। पहली बार संस्कृति विभाग की ओर से 6 से 9 अगस्त तक हरिद्वार में ‘नमो नाद’ कार्यशाला का आयोजन किया गया था। इसमें प्रदेशभर से 1000 ढोल दमाऊ कलाकारों ने हिस्सा लिया था। सरकार प्रदेशभर में पारंपरिक वाद्य यंत्रों लोकगीतों के संरक्षण में योगदान देने वाले कलाकारों का पूरा ब्यौरा भी तैयार कर रही है। ढोल दमाऊ की राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में शामिल होने वाले कलाकार 15 फरवरी तक अपना आवेदन पत्र दे सकते हैं।