दूसरा फैसला विवि के परिसरों को लेकर हुआ। इसके तहत ऋषिकेश परिसर में तो सेमेस्टर सिस्टम लागू रखा गया, जबकि गोपेश्वर परिसर से सेमेस्टर सिस्टम खत्म कर दिया गया।
यानी विवि के एक परिसर के छात्र सेमेस्टर एग्जाम देकर डिग्री लेंगे जबकि एक दूसरे के छात्र साल में एक बार परीक्षा देंगे। विवि के कुलपति डॉ. पीपी ध्यानी का कहना है कि शासन से जो पत्र मिला था। उसी को आधार बनाकर सेमेस्टर सिस्टम पर फैसला लिया गया है।
विवि ऑटोनोमस बॉडी है। शासन ने केवल पत्र जारी किया था। विवि को सेमेस्टर सिस्टम पर फैसला लेने का पूर्ण अधिकार है। गोपेश्वर परिसर के बारे में पहले ही फोन पर बात भी हो चुकी है। इस पर भी विवि को ही फैसला लेना है।
- अशोक कुमार, प्रभारी सचिव, उच्च शिक्षा