पश्चिमी क्षेत्र में कम कीमत पर लकड़ी बिक्री के मामले में प्रबंध निदेशक ने दोबारा जांच के आदेश दिए हैं।पहली जांच रिपोर्ट में एक करोड़ से अधिक का राजस्व नुकसान होने का का जिक्र किया गया था।
वन निगम के पश्चिमी वृत्त में कम कीमत पर लकड़ी बेचने के मामले की फिर से जांच होगी। निगम के प्रबंध निदेशक ने प्रकरण में पहले जांच की गई थी, उसको अधूरी माना है। उन्होंने मामले की पुन: तथ्यपरक जांच करने का निर्देश दिया है।
पिछले साल वन निगम के पश्चिमी क्षेत्र के कम कीमत पर लकड़ी बेचने की शिकायत के बाद एमडी ने मामले की जांच कराने का महाप्रबंधक कुमाऊं को आदेश दिया था। इसके बाद मामले की जांच कर रिपोर्ट करीब चार महीने पहले वन निगम मुख्यालय को भेजी गई। सूत्रों के अनुसार इसमें आधार मूल्य से अधिक राशि मिलने के बाद भी लकड़ी कम दर पर बेचने का खुलासा हुआ था।
ये भी पढे़ं...Uttarakhand Census: बिजली, पानी ही नहीं क्या खाते हैं ये बताना भी जनगणना का हिस्सा, 33 सवालों की अधिसूचना जारी
वन निगम एमडी के पत्र में कहा गया है कि शिकायत लौट संख्या-941 के नीलामी में हुई अनियमितता के संबंध में थी। ऐसे में जांच कार्य कार्यवाही निर्देशानुसार उसकी लौट की जानी ही उचित होती। इसके अलावा जांच रिपोर्ट में ऐसी लॉट का संज्ञान नहीं लिया गया है, जिनको पुन: नीलाम में रखने से राजस्व की बढ़ोतरी हुई। क्षेत्रीय प्रबंधक व प्रभागीय प्रबंधक को दिए गए अधिकार का युक्तियुक्त रूप से मूल्यांकन नहीं किया गया है।