कब क्या हुआ
- आठ सितंबर को विधानसभा सत्र में सरकार ने पेश किया राज्य आंदोलनकारियों को आरक्षण विधेयक।
- 11 सितंबर को विधानसभा सचिवालय ने प्रवर समिति के गठन की अधिसूचना जारी की।
- 18 सितंबर को प्रवर समिति की पहली बैठक।
- 25 सितंबर को प्रवर समिति का 15 दिन का कार्यकाल पूरा।
- 25 सितंबर को विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने समिति का कार्यकाल एक माह बढ़ाया।
- नौ अक्तूबर को विपक्ष के सदस्य न पहुंचने से प्रवर समिति की बैठक स्थगित।
- 11 अक्तूबर को प्रवर समिति की बैठक।
- 31 अक्तूबर को प्रवर समिति ने आरक्षण मुद्दे पर लिया निर्णय।
- तीन नवंबर को अंतिम बैठक में ड्राफ्ट पर लगाई मुहर।
- नौ नवंबर को प्रवर समिति ने विधानसभा अध्यक्ष को सौंपी रिपोर्ट।
राज्य आंदोलनकारियों के आरक्षण पर प्रवर समिति ने रिपोर्ट दी है। इस पर जो भी कार्रवाई की जानी है, उसे जल्द किया जाएगा। सत्र आहूत करने का निर्णय सरकार को लेना है। हम राज्य आंदोलनकारियों का सम्मान करते हैं। प्रदेश सरकार आंदोलनकारियों को बेहतर सुविधाएं देना चाहती है। समिति की रिपोर्ट बंद लिफाफे में है। मैं मानती हूं कि लिफाफे से जो निकलेगा, वह राज्य आंदोलकारियों के हित में होगा।
- ऋतु खंडूड़ी भूषण, अध्यक्ष, विधानसभा