पहले रामभरत प्रकरण और अब पतंजलि योगपीठ की जमीनों को लेकर मुकदमों की झड़ी। बाबा रामदेव के खेमे को लगने लगा है कि उन्हें घेरने के लिए सरकार किसी भी हद तक जा सकती है।
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इन्हीं आशंकाओं के बीच पतंजलि और उससे जुड़े औद्योगिक संस्थानों की सुरक्षा बढ़ा दी है। औद्योगिक संस्थानों की सुरक्षा में डॉग स्क्वायड तैनात कर दिए हैं। केंद्र की कांग्रेसनीत सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने के बाद से बाबा रामदेव निशाने पर हैं।
एक के बाद एक केस
दिल्ली के रामलीला मैदान से बाबा रामदेव का तंबू उखाड़ने से लेकर अब तक सरकार आक्रामक दिखाई दे रही है। रामदेव से जुड़े किसी भी मामले को सरकार हल्के में नहीं ले रही है। फर्जी पासपोर्ट मामले में पहले आचार्य बालकृष्ण को जेल भेजा।
पतंजलि के खाद्य पदार्थों की सैंपलिंग की। रामदेव के भाई रामभरत के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ और अब जमीनों पर कब्जे, स्टांप ड्यूटी आदि को लेकर 81 मुकदमे ठोक दिए। रामदेव के सहयोगी, भाई और ट्रस्टों की घेराबंदी तो की जा चुकी है।
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लेकिन, अभी तक रामदेव पर व्यक्तिगत तौर पर कोई दाग नहीं लगा है। रामदेव खेमे की यही सबसे बड़ी ताकत है जिसकी अगुवाई में केंद्र के खिलाफ लड़ाई चल रही है।
ड्रग्स जैसे मामले में फंसाने की साजिश
भारत स्वाभिमान ट्रस्ट के केंद्रीय स्तर के एक पदाधिकारी सार्वजनिक मंच से कह भी चुके हैं कि केंद्र सरकार बाबा को ड्रग्स जैसे मामले में फंसाने की साजिश रच सकती है।
रामदेव के नजदीकी लोगों को भी डर है कि कहीं पतंजलि अथवा किसी फैक्ट्री में कोई आपत्तिजनक सामान रखवाकर बाबा पर इलजाम न लगा दिया जाए।
बाबा रामदेव भी मानते हैं कि सरकार चरित्र हनन की राजनीति पर आ सकती है। इसी वजह से प्रतिष्ठानों की सुरक्षा बढ़ाई है।
कहां किस तरह की सुरक्षा
पतंजलि फूड पार्क पदार्था
पहले कर्मचारी गेट पर अपना परिचय पत्र दिखाकर प्रवेश कर जाते थे। लेकिन, अब कई दिन से यहां की सुरक्षा चौकस कर दी है। फैक्ट्री में प्रवेश करने वाले कर्मचारियों की पूरी तलाशी ली जा रही है।
कर्मियों की कार आदि वाहन की भी गहनता से तलाशी ली जा रही है। कार की डिग्गी खुलवाकर चेक की जा रही है। इसके लिए डॉग स्क्वायड भी तैनात किया है।
पतंजलि योगपीठ बहादराबाद
पहले यहां बिना किसी परिचय के अंदर जाया जाता था। कभी-कभार सुरक्षाकर्मी रोकते थे तो सामान्य परिचय देकर लोग आगे बढ़ जाते थे। लेकिन अब ऐसा नहीं हैं।
पैदल, दुपहिया और कार आदि से आने वाले लोगों को पूरा परिचय और आने का उद्देश्य बताने के बाद प्रवेश की अनुमति दी जा रही है। मुख्य द्वार पर सशस्त्र सुरक्षाकर्मी तैनात कर दिए हैं।
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