उत्तराखंड विधानसभा के बजट सत्र की सोमवार को हंगामेदार शुरुआत हुई। चार मिनट पहले बजट अभिभाषण शुरू किए जाने से नाराज विपक्षी विधायकों ने सोमवार को विधानसभा के सभा मंडप में जमकर हंगामा किया। हंगामे के बीच राज्यपाल ने अपना बजट अभिभाषण पढ़ा। उन्होंने अभिभाषण में प्रदेश सरकार की किसानों, कर्मचारियों, युवाओं, महिलाओं और वंचितों के उत्थान से जुड़ी योजनाओं और कार्यक्रमों का जिक्र किया।
उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा योजना के जरिये सरकार पलायन रोकेगी और रोजगार अवसर बढ़ाएगी। सरकार औद्योगिक, अवस्थापना और कौशल विकास, कृषि और उद्यानिकी से जुड़ी योजनाओं के जरिये उत्तराखंड को आदर्श राज्य बनाने की ओर अग्रसर है।
विधानसभा सत्र के पहले दिन सदन मात्र 10 मिनट ही चला। भोजनावकाश के बाद विपक्ष की गैर मौजूदगी में स्पीकर ने ने राज्यपाल का अभिभाषण और संकल्प प्रस्तावों को पढ़ा। इसके बाद मंगलवार सुबह 11 बजे तक के लिए सदन स्थगित किया।
सोमवार को भोजनावश के बाद तीन बजे वंदेमातरम गीत से सत्र शुरू हुआ। विपक्ष की अनुपस्थिति में स्पीकर प्रेम चंद अग्रवाल ने राज्यपाल का अभिभाषण पढ़ा। इसके बाद सदन में संकल्प प्रस्तावों को प्रस्तुत किया।
इसमें विधायक देशराज कर्णवाल, हाजी फुरकान अहमद, नियम 105 के तहत विधायक देशराज कर्णवाल, प्रीतम सिंह पंवार, नियम-54 के तहत विधायक देशराज कर्णवाल, शक्ति लाल शाह, भरत सिंह चौधरी के प्रस्तावों को पटल पर रखा। सदन मात्र 10 मिनट चलने के बाद स्पीकर ने मंगलवार सुबह तक के लिए सदन को स्थगित कर दिया। इस दौरान विपक्ष का कोई भी विधायक सदन में मौजूद नहीं था।