सी केटेगिरी होने पर मरीज की हालत हो सकती है गंभीर
इन्फ्लुएंजा ए और बी में खतरा नहीं डॉ. अनुराग अग्रवाल ने बताया कि 2009 में स्वाइन फ्लू आया था। उस समय कुछ मरीजों की मौत भी हुई थीं। इसके बाद इस बीमारी को सरकार ने तीन, चार साल तक फॉलो किया। इसके बाद इसमें मौत कम होने लगीं। इसके बाद इसको सीजनल इन्फ्लुएंजा की श्रेणी में डाल दिया गया। इन्फ्लुएंजा के ए, बी और सी केटेगिरी में ए और बी खतरनाक नहीं होता है। सी केटेगिरी होने पर मरीज की हालत गंभीर हो सकती है। हालांकि किसी भी बीमारी से पहले जांच जरूरी होती है।
डरे नहीं, घातक नहीं है सीजनल इन्फ्लुएंजा
स्टेट सर्विलांस अधिकारी डॉ. पंकज सिंह ने बताया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने यह क्लियर किया कि स्वाइन फ्लू वायरस अब सीजनल इन्फ्लुएंजा यानी मौसमी जुकाम बुखार है। अधिकतर मरीजों में यह मामूली जुकाम-बुखार की तरह ही होता है। लक्षण बढ़ने पर डॉक्टरी परामर्श के बाद ही दवा लेनी चाहिए।
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लक्षण
सिर दर्द
खांसी
जुकाम, गले में खराश
बुखार और ठंड लगना
बदन दर्द
थकान और कमजोरी
जी मिचलाना
निमोनिया
सांस की समस्या
यह सावधानी बरतें
- किसी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से बचें
- मरीज को आइसोलेट कर दें
- मरीज की इस्तेमाल की हुई चीजें इस्तेमाल न करें
- मरीज के खांसने और छींकने से यह संक्रमण फैल सकता है
- डॉक्टर से सलाह लें