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उत्तराखंड की टिहरी झील में उतरेगा सी-प्लेन, सरकार और नागरिक उड्डयन मंत्रालय के बीच हुआ एमओयू

Thu, 04 Jul 2019 10:23 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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एमओयू साइन करते सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत - फोटो : अमर उजाला
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पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए टिहरी झील में सी-प्लेन संचालन की योजना जल्द धरातल पर उतारने का रास्ता साफ हो गया है। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में बुधवार को नागरिक उड्डयन मंत्रालय, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (इंडिया एयरपोर्ट अथॉरिटी) और प्रदेश सरकार के बीच एमओयू किया गया। ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट की तर्ज पर टिहरी में वाटर ड्रोम स्थापित किया जाएगा। वाटर ड्रोम स्थापना के लिए एमओयू करने वाला उत्तराखंड देश का पहला राज्य है। वहीं, पिथौरागढ़ स्थित नैनी सैनी में हवाई सेवाओं के सफल संचालन के लिए भी सीएनएस-एटीएम पर एमओयू हस्ताक्षरित किए गए। 

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मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि दोनों एमओयू राज्य के लिए ऐतिहासिक हैं। टिहरी झील में सी-प्लेन का संचालन प्रदेश के लिए बड़ी शुरूआत है। इससे टिहरी में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलने से स्थानीय लोगों को लाभ मिलेगा। सीएम ने कहा कि कुछ ही समय में टिहरी की पहचान प्रमुख टूरिस्ट डेस्टीनेशन के रूप में बनी है। पिथौरागढ़ के नैनी सैनी में हवाई सेवाओं के संचालन से पर्यटकों के साथ स्थानीय लोगों को सुविधाएं मिलेगी। प्रदेश सरकार पिथौरागढ़ को टूरिस्ट डेस्टीनेशन के रूप में विकसित कर रही है।

इस मौके पर जिला पंचायत अध्यक्ष टिहरी सोना सजवाण, विधायक विनोद कंडारी, धन सिंह नेगी, विजय सिंह पंवार, शक्ति लाल शाह, सचिव नागरिक उड्डयन दिलीप जावलकर, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के कार्यकारी निदेशक एस चड्ढा, अपर सचिव नागरिक उड्डयन सोनिका, डीएम टिहरी वी. षणमुगम, मुख्यमंत्री के नागरिक उड्डयन सलाहकार कैप्टन दीप श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे। 

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जौलीग्रांट एयरपोर्ट टर्मिनल की बढ़ेगी क्षमता

नागरिक उड्डयन मंत्रालय की संयुक्त सचिव उषा ने कहा कि सी-प्लेन पर एमओयू केंद्र सरकार के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है। वाटर ड्रोम के लिए पहली बार किसी राज्य के साथ एमओयू किया गया है। उड़ान योजना के क्रियान्वयन में प्रदेश सरकार ने काफी सक्रियता दिखाई है। प्रदेश में हवाई सेवाओं के विस्तार में राज्य सरकार ने हमेशा सहयोग दिया है। उड़ान योजना में एयरपोर्ट डेवलपमेंट पर होने वाले खर्च का सारा भुगतान केंद्र सरकार ओर से किया जाएगा। राज्य में 13 एयरपोर्ट विकसित किए जाने हैं। इनमें 10 की डीपीआर तैयार है। जौलीग्रांट एयरपोर्ट को भी विकसित किया जा रहा है। इसके टर्मिनल की क्षमता को 150 से बढ़ाकर 1800 किया जाएगा। अगस्त माह में फिक्की के सहयोग से देहरादून में हेलीकॉप्टर कान्क्लेव आयोजित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि पवन हंस की ओर से सीएसआर के अंतर्गत शिक्षा के क्षेत्र में 60 लाख रुपये की सहयोग राशि दी जाएगी। 

टिहरी झील के समीप 2.5 हेक्टेयर भूमि का चयन 
सचिव नागरिक उड्डयन दिलीप जावलकर ने बताया कि केंद्र सरकार की उड़ान योजना के तहत सी-प्लेन संचालन के लिए टिहरी झील को चयनित किया गया है। वाटर ड्रोम की स्थापना व हवाई सेवाओं के संचालन के लिए झील के निकट 2.5 हेक्टेयर भूमि का चयन किया गया है। सी-प्लेन के लिए ऑपरेटर का चयन टेंडर के माध्यम से नागरिक उड्डयन मंत्रालय के माध्यम से किया जाएगा। जबकि संचालन व अन्य तकनीकी को इंडिया एयरपोर्ट अथॉरिटी तय करेगी। प्रदेश सरकार की ओर से सी-प्लेन के लिए टिहरी में आधारभूत सुविधाओं को विकसित किया जाएगा। इस पर होने वाले खर्च के लिए मुख्यमंत्री ने सहमति प्रदान कर दी है, लेकिन बाद में इस राशि की प्रतिपूर्ति केंद्र की ओर से जाएगी। एमओयू के बाद जल्द ही डीपीआर बनाने और केंद्र की तरफ से टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
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