उन्होंने कांवड़ मेले के दौरान यात्रियों की संख्या बढ़ने पर यातायात व्यवस्था सुचारु बनाए रखने के लिए हिल बाईपास को खोला जाएगा। उन्होंने कहा कि इसके लिए जरूरी प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।
कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि कांवड़ पटरी पर पथ प्रकाश, पेयजल, शौचालय और चिकित्सा की व्यवस्थाएं समय पर पूरी कर ली जाएं। उन्होंने कहा कि कांवड़ पटरी पर पैदल लौटने वाले कांवड़ यात्रियों को किसी तरह की दिक्कत नहीं होनी चाहिए।
बैठक में कैबिनेट मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कांवड़ मेले के दौरान गंगा घाटों की सफाई, हरकी पैड़ी सहित हरिद्वार नगर में पालीथिन का प्रयोग प्रतिबंधित करने, खाद्य सामग्री की गुणवत्ता सुनिश्चित करने व उनकी रेट लिस्ट प्रतिष्ठानों पर लगाना सुनिश्चित करने को कहा।
बैठक के दौरान कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि यात्रा के दौरान सात फीट से ऊंची कांवड़ नहीं चलने दी जाए। उन्होंने कहा कि ऊंची कांवड़ के बिजली की तारों से टकराने से दुर्घटना की आंशका बनी रहती है। इसलिए बाहरी प्रदेशों से ऐसी कांवड़ को रोका जाए और हरिद्वार में इनके बनने पर रोक लगाएं। कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने बैठक में राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण की धीमी गति पर आक्रोश जाहिर करते हुए एनएच के अधिकारियों को फटकार भी लगाई।
उन्होंने जीआरपी के अधिकारियों को निर्देश दिए कि कांवड़ यात्रा के दौरान चलने वाली ट्रेनों का प्लेटफार्म नंबर, समय आदि किसी भी प्रकार की सूचना समय से प्रचारित प्रसारित की जाए। अचानक किए जाने वाले परिवर्तन से रेलवे सेवा का प्रयोग करने वाले श्रद्धालुओं को असुविधा का सामना करना पड़ता है और माहौल खराब होता है। बैठक में जिलाधिकारी दीपेंद्र चौधरी ने बताया कि सभी विभाग कांवड़ मेला संपन्न कराने के लिए तैयार हैं।
कांवड़ क्षेत्र को प्रशासनिक दृष्टि से शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र में बांट कर दायित्व सौंपे गए हैं। सभी विभागों को उनके कार्य पूर्ण करने की समय सीमा निर्धारित करने के लिए निर्देशित किया जा चुका है।