चारधाम यात्रा में मौसम के कारण आ रही दिक्कतों को देखते हुए एसडीआरएफ ने अतिरिक्त रेस्क्यू फोर्स भेजने का निर्णय लिया है। इस संबंध में एसडीआरएफ मुख्यालय से निर्देश जारी कर दिए गए हैं। एसडीआरएफ कमांडेंट मणिकांत मिश्रा ने बताया कि बारिश के दौरान पहाड़ों पर भूस्खलन, बादल फटना, बज्रपात की संभावना बनी रहती है। जिससे चारधाम यात्रा बाधित होती है।
इस वर्ष गर्मियों के मौसम में बारिश होने के कारण भूस्खलन की घटनाएं बढी हैं। ऐसे में चारधाम यात्रा को सुचारू रखने के लिए अतिरिक्त रेस्क्यू फोर्स भेजा जा रहा है। एसडीआरएफ जवान फावड़ों, बेलचों व दूसरे उपकरणों की मदद से बर्फ काटकर रास्ता बना रहे हैं। चारधाम यात्रा में सुरक्षा की दृष्टि से रास्तों के किनारे रोप को भी बांधा जा रहा है। जिससे फ़िसलन भरे रास्ते मे चलते समय श्रद्धालुओं को मदद मिल सके।
पिथौरागढ़ में भूस्खलन में फंसे 40 यात्रियों को किया रेस्क्यू
कमांडेंट मिश्रा ने बताया कि इस यात्रा सीजन में अब तक कुल 86 अस्वस्थ और चोटिल लोगों को प्राथमिक उपचार देकर रेस्क्यू किया जा चुका है। इसके अलावा रोजाना सैकड़ो श्रद्धालुओं को दुर्गम रास्तों से पार कराया जा रहा है। ऊंचाई वाले इलाकों में कुछ श्रद्धालुओं को सांस लेने में तकलीफ, चक्कर आना, बेहोश होना, अत्यधिक ठंड लगने से हाइपोथर्मिया इत्यादि का सामना करना पड़ रहा है।
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ऐसी स्थिति में श्रद्धालुओं को पोर्टेबल ऑक्सीजन सिलिंडर, कॉन्संट्रेटर आदि देकर स्ट्रेचर के जरिये अस्पताल पहुंचाया जा रहा है। कुमाऊं मंडल में मां पूर्णागिरि मेले, काली मंदिर के समीप धर्मशालाओं में आगजनी की घटनाओं पर त्वरित एक्शन लिया गया। पिथौरागढ़ में भूस्खलन में फंसे 40 यात्रियों को बृहस्पतिवार को रेस्क्यू किया गया। शुक्रवार को भी करीब 100 यात्रियों को रेस्क्यू किया गया।