एसडीआरआर की सेनानायक तृप्ति भट्ट खिलाड़ी को प्रतीक चिन्ह भेंट करती हुई ।
एसडीआरएफ की सेनानायक तृप्ति भट्ट ने कहा कि आगामी चार माह में आपदा प्रबंधन को लेकर एक लाख लोगों को जागरूक किया जाएगा। इसकी तैयारी कर ली गई है। इसमें एसडीआरएफ की टीम पहाड़ के सुदूर इलाकों तक जाकर काम करेगी।
जौलीग्रांट में चार धाम यात्रा के सकुशल संपन्न होने के बाद शुक्रवार को आयोजित सम्मेलन में एसडीआरएफ सेनानायक तृप्ति भट्टी ने जवानों की हौसला आफजाई की। उन्हाेंने कैलाश मानसरोवर यात्रा और हेमकुंड साहिब यात्रा में तैनात जवानों से उनके अनुभव और स्मरण को लेकर चर्चा की। साथ ही धार्मिक यात्राओं को अधिक सरल और सुरक्षित बनाने को सुझाव भी लिए गए। आईपीएस भट्ट ने कहा कि प्रदेश में आपदा में मानव क्षति कम करने के लिए अगले चार माह में एक लाख स्कूली बच्चों, ग्रामीणों और सहायक संस्थाओं को आपदा संबंधी प्रशिक्षण दिया जाएगा।
तृप्ति भट्ट ने बताया कि इस बार पिथौरागढ़, चमोली और उत्तरकाशी के सुदूर इलाकों पर खास फोकस किया गया है, ताकि प्रत्येक व्यक्ति को आपदा प्रबंधन को लेकर जागरूक किया जा सके । सम्मेलन के दौरान बॉडी बिल्डिंग में स्वर्ण पदक, रजत और कांस्य पदक पाने वाले रोहित परिहार, राजेंद्र सिंह, नंदन और प्रेम सिंह को प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। इस मौके पर उप सेनानायक अजय भट्ट, इंस्पेक्टर जगदीश पंत, नरेंद्र आर्य, विकास पुंडीर, मीडिया प्रभारी सब इंस्पेक्टर प्रवीण आलोक, उपनिरीक्षक प्रमोद रावत, भूपेंद्र गुसाईं, नीरज चौहान आदि मौजूद रहे।